रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 61 फीसदी की वृद्धि टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों ने दर्ज की है और 26 फीसदी के साथ बैंकिंग दूसरे जबकि खनन, लोहा व इस्पात क्षेत्र ने 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
28.6 अरब डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ टाटा समूह एक बार फिर से भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बन गया है। ब्रांड फाइनेंस ने 2024 की अपनी रिपोर्ट में देश के प्रतिष्ठित टाटा समूह को नंबर एक, सूचना तकनीक क्षेत्र की कंपनी इंफोसिस को नंबर दो और बैंकिंग व फाइनेंस क्षेत्र की एचडीएफसी समूह को तीसरे नंबर पर रखा है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा समूह की ब्रांड वैल्यू पिछले साल के मुकाबले इस बार 9 फीसदी बढ़ी है। पहली बार भारत की किसी कंपनी का ब्रांड मूल्य 30 अरब डॉलर के करीब पहुंचा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में लोगों की उम्मीद को दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार इन्फोसिस की ब्रांड वैल्यू में भी 9 फीसदी की वृद्धि हुई है। खासबात यह है कि पूरी दुनिया में आईटी क्षेत्र में गिरावट के बावजूद इन्फोसिस ने यह उछाल दर्ज की है। उसका ब्रांड मूल्य 14.2 अरब डॉलर है। एचडीएफसी समूह को अपने बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों के एकीकरण का फायदा हुआ है और ब्रांड मूल्यांकन के मामले में 10.4 अरब डॉलर मूल्य के साथ यह तीसरे स्थान पर है। वैसे देश में अन्य बैंकों के ब्रांड मूल्य में भी जोरदार उछाल आया है। इस सेक्टर ने कुल मिलाकर 26 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की है और इसमें भी इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक व यूनियन बैंक का प्रदर्शन जोरदार रहा है।
61% की दर से टेलीकॉम क्षेत्र की ब्रांड वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 61 फीसदी की वृद्धि टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों ने दर्ज की है और 26 फीसदी के साथ बैंकिंग दूसरे जबकि खनन, लोहा व इस्पात क्षेत्र ने 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। टेलीकॉम क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जियो, एयरटेल व वीआई ने उपभोक्ताओं के उपभोग पैटर्न को ध्यान में रखकर अपने ग्रोथ को गति दी है। इसी प्रकार बैंकिंग क्षेत्र में नियामकीय सुधार ने ब्रांड वैल्यू बढ़ाने में मदद की है।