राज्य में 1 मार्च से कोक और पेप्सी की बिक्री को व्यापारियों ने पूरी तरह से बंद कर दिया है। व्यापारियों के इस कदम से दोनों कंपनियों को 1400 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
गौरतलब है की 27 जनवरी को प्रदेश के व्यापारियों संगठनों ने इस बात का फैसला किया था कि वो दोनों विदेशी पेय ब्रांडों की बिक्री को पूरी तरह से बंद कर देंगे।
हालांकि अभी चेन्नई की कुछ दुकानों पर इनकी बिक्री जारी है, क्योंकि कई दुकानदारों ने फैसले के पहले से ही काफी पैसा निवेश कर दिया था। लेकिन ज्यादातर दुकानों ने बिक्री को बैन कर दिया है और बकायदा इसके लिए नोटिस भी लगा दिया है। इसके अलावा व्यापारी संगठनों ने राज्य सरकार से भी अपील की है कि वो इन कंपनियों पर तुरंत बैन लगाए।
इन व्यापारी संगठनों ने लिया है फैसला
तमिलनाडु वानीगर संगम और तमिलनाडु ट्रेडर्स फेडरेशन ने कहा है कि दोनों कंपनियां राज्य में मौजूद जल निकायों का दोहन कर रही हैं और सूखे के बावजूद इन दोनों कंपनियों ने इसको जारी रखा है।
इन दोनों संगठनों से करीब 15 लाख व्यापारी जुडे़ हुए हैं। यह 15 लाख व्यापारी प्रदेश में फैले छोटे-छोटे 6 हजार से अधिक संगठनों से जुडे़ हैं।