वित्त मंत्री ने कहा कि हालांकि, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को स्वीकृत 2,152 करोड़ रुपये की राशि रोक दी है, क्योंकि राज्य ने केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें त्रि-भाषा नीति भी शामिल है।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया। बजट में ‘कलैगनार कनवु इल्लम आवास योजना’ के तहत एक लाख नए मकानों के लिए 3,500 करोड़, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क विकास योजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसके अलावा चेन्नई में ‘स्पॉन्ज पार्क’ के लिए 88 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए।
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राज्य के बजट में महिलाओं के वास्ते किराया-मुक्त बस यात्रा योजना के लिए सब्सिडी के तौर पर 3,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। वहीं, अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु विधानसभा में टीएएसएमएसी में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने का प्रयास किया और सदन से बहिर्गमन करते हुए बजट का बहिष्कार कर दिया।
बजट में क्या खास?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने बजट में अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के लिए अच्छी खासी धनराशि का आवंटत की। मंत्री का बजट भाषण 2 घंटे 38 मिनट तक चला। आइए जानते हैं अहम बातें...
किराया-मुक्त बस सेवाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है।
राज्य योजना आयोग के अध्ययन से पता चला है कि इस पहल के कारण महिलाएं औसतन 888 रुपये प्रति माह बचाती हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने बजट अनुमानों में इस योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी आवंटित की है।
रामेश्वरम में एक नए हवाई अड्डे की घोषणा की गई। चेन्नई के पास परंडूर में एक नया हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए काम में तेजी लाई गई।
राज्य की राजधानी के पास विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला एक शहर बसाया जाएगा।
सवा करोड़ महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक सहायता के लिए योजना ‘कलैगनार मगलिर उरीमाई थिट्टम’ के लिए 13,807 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
कामकाजी महिलाओं के 10 और छात्रावास की घोषणा की गई, जिसके लिए 77 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
मुख्यमंत्री जलपान योजना का और विस्तार किया जाएगा। इसके लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
कोयंबटूर में अविनाशी रोड और सत्यमंगलम रोड रूट और मदुरै में थिरुमंगलम-ओथाकदाई रूट पर मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्र से योगदान के लिए प्रस्तुत की गई है। दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 3200 करोड़ रुपये है। मंजूरी मिलते ही दोनों शहरों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
इंजीनियरिंग और लोहों की ढलाई उद्योगों में उत्कृष्टता के लिए जाने जाने वाले कोयम्बटूर क्षेत्र को एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र में बदलने के लिए, कोयम्बटूर के सुलूर में 100 एकड़ में तथा पल्लाडम के पास 100 एकड़ क्षेत्र में सेमीकंडक्टर विनिर्माण पार्क स्थापित किए जाएंगे।
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विधानसभा में भी उठा भाषा को लेकर जारी विवाद
वित्त मंत्री ने कहा कि हालांकि, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को स्वीकृत 2,152 करोड़ रुपये की राशि रोक दी है, क्योंकि राज्य ने केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें त्रि-भाषा नीति भी शामिल है। इसके बावजूद छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अपने स्वयं के संसाधनों से शिक्षकों के वेतन सहित धन आवंटित किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी स्कूल के छात्रों की शिक्षा पर किसी भी तरह का कोई असर न पड़े। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर भी तमिलनाडु के लोगों ने द्वि-भाषी नीति पर अडिग रहकर राज्य की गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरे दिल से मुख्यमंत्री का समर्थन किया है। यहां तक कि इसके बदले राज्य को 2000 करोड़ रुपये गंवाने पड़े हैं।