अदाणी प्रकरण के बीच संसद में भी इस विपक्ष का हमला शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि एक संयुक्त संसदीय समिति या सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई की देखरेख में इस मामले की जांच होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा है कि हम मांग करेंगे कि कथित गड़बड़ी की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाना चाहिए। अडानी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "सवाल केवल एक प्रमोटर के बारे में नहीं है, बल्कि ये पूरे रेग्युलेटरी सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।"