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गर्मी में नहीं होगा बिजली संकट: पूरी क्षमता से चलेंगे कोयले वाले सभी संयंत्र, बढ़ी मांग को पूरा करने की कवायद

Thu, 09 Mar 2023 01:32 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने बीते सात मार्च को ऊर्जा, कोयला और रेलवे मंत्रालय के वरीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान गर्मियों के दौरान बढ़ती ऊर्जा की मांग को पूरा करने पर चर्चा की गई।
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केंद्रीय मंत्री आरके सिंह। - फोटो : ANI
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विस्तार
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गर्मियों में बिजली संकट न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने अभी से कमर कस ली है। ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोयला और गैस आधारित सभी संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने और अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने कोयला और रेल मंत्रालयों के साथ मिलकर बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने अप्रैल और मई में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

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एक बयान में ऊर्जा मंत्रालय ने बताया, मंत्री आरके सिंह ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि गर्मियों के दौरान लोड शेडिंग न होना सुनिश्चित किया जाए। कोयला आधारित सभी बिजली संयंत्रों का रखरखाव मांग बढ़ने से पहले पूरा कर लिया जाए। रखरखाव का कोई भी काम उच्च मांग वाले समय के लिए बकाया न रखा जाए। कोयले का पर्याप्त भंडारण भी किया जाए। आयातित कोयले पर चलने वाले सभी संयंत्रों को 16 मार्च से पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 

4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी गैस संयंत्रों की
मंत्रालय ने कहा कि अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए गैस से उत्पादित बिजली का इस्तेमाल किया जाएगा। एनटीपीसी को 5,000 मेगावाट के गैस आधारित बिजली संयंत्रों को अप्रैल-मई में पूरी क्षमता से चलाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। 4,000 मेगावाट बिजली अन्य कंपनियों की ओर से जोड़ी जाएंगी।
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गेल ने गैस की पर्याप्त आपूर्ति का वादा किया
गेल इंडिया लि. ने ऊर्जा मंत्रालय को आश्वस्त किया है कि गर्मियों के दौरान गैस आधारित संयंत्रों में गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। बैठक के दौरान कहा गया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर करीब 7 प्रतिशत रहने के साथ देश में बिजली की मांग सालाना करीब 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। अनुमानों के अनुसार, इस साल अप्रैल के दौरान ऊर्जा की मांग 1,42,097 मिलियन यूनिट होने की उम्मीद है। यह साल में सबसे अधिक होगा।

2920 मेगावाट के नए कोयला संयंत्र मार्च अंत तक होंगे चालू
बयान में कहा गया है कि मार्च के अंत तक 2920 मेगावाट अतिरिक्त बिजली नए कोयला आधारित प्लांटों से मिलने लगेगी। वहीं, बिहार के बरौनी में 110 मेगावाट प्रति यूनिट की दो नई इकाइयां उच्च मांग वाले समय में बिजली उत्पादन के लिए तैयार हो जाएंगी।

जल विद्युत संयंत्रों को भी जारी किया निर्देश
ऊर्जा मंत्रालय ने जल विद्युत संयंत्रों को भी निर्देश दिया है कि क्षेत्रीय और राज्यों के लोड डिस्पैच सेंटरों के संपर्क में रहें। उसके अनुसार ही उत्पादन संचालित करें, ताकि मांग के अनुसार ही आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

इसलिए जरूरी है तैयारी
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार इस साल जनवरी में ही बिजली की मांग 2.11 लाख मेगावाट पर पहुंच गई। यह पिछले वर्ष जून के महीने सर्वाधिक स्तर 2.12 लाख मेगावाट के करीब है। तब गर्मी ने 122 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। अनुमान है कि इस वर्ष लोगों को भीषड़ गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि, फरवरी के अंतिम और मार्च के शुरुआती दिनों में ही देश के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ऊर्जा मंत्रालय का अनुमान है कि अप्रैल में यह मांग रिकॉर्ड 2.29 लाख मेगावाट तक पहुंच सकती है।

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