सीसीआई स्विगी और जोमैटो के खिलाफ जांच निष्कर्षों की समीक्षा कर रहा है। आयोग को अंतिम फैसला लेने में कई सप्ताह लग सकते हैं, जिसके बाद ही दोनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर, स्विगी व जोमैटो के पास सीसीआई के जांच निष्कर्षों को चुनौती देने का विकल्प है।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी मंच जोमैटो और स्विगी ने अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध बड़े रेस्टोरेंट चेन को फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन किया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच में इसका खुलासा हुआ है। आयोग की ओर से तैयार गैर-सार्वजनिक दस्तावेजों के मुताबिक, जोमैटो ने कम कमीशन के बदले अपने मंच पर सूचीबद्ध रेस्टोरेंट्स के साथ 'विशिष्टता अनुबंध' किए। वहीं, स्विगी ने कुछ रेस्टोरेंट्स को आश्वासन दिया कि अगर वे सिर्फ उसके प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होते हैं तो उनका कारोबार तेजी से बढ़ेगा।
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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपने जांच निष्कर्षों में कहा, जोमैटो, स्विगी और उनसे जुड़े रेस्टोरेंट्स के बीच यह विशेष तरह का अनुबंध बाजार को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने से रोकता है। सीसीआई के जांच दस्तावेज गोपनीयता नियमों की वजह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इन्हें मार्च, 2024 में जोमैटो, स्विगी और इनकी शिकायत करने वाले रेस्टोरेंट्स समूहों के साथ साझा किया गया है। हालांकि, जोमैटो, स्विगी और सीसीआई ने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
दोनों कंपनियों पर धमकाने का भी आरोप
जांच दस्तावेज में कहा गया है कि स्विगी और जोमैटो ने हाल के वर्षों में रेस्टोरेंट्स को कीमतों में समानता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है। साथ ही, अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कम कीमतों की पेशकश करने वाले रेस्टोरेंट्स को रोककर बाजार में प्रतिस्पर्धा को कम कर दिया है।
जोमैटो ने अपने रेस्टोरेंट्स भागीदारों पर मूल्य निर्धारण और छूट संबंधी प्रतिबंध लगाए थे। कुछ मामले में उन रेस्टोरेंट्स के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की, जिसने इन प्रतिबंधों का पालन नहीं किया।
सीसीआई की जांच शाखा ने कहा, स्विगी के कुछ साझेदार रेस्टोरेंट्स को धमकी दी गई थी कि अगर वे मूल्य समानता बनाए नहीं रखते हैं, तो उनकी रैंकिंग नीचे गिरा दी जाएगी।
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कार्रवाई में लग सकते हैं कई सप्ताह
सीसीआई स्विगी और जोमैटो के खिलाफ जांच निष्कर्षों की समीक्षा कर रहा है। आयोग को अंतिम फैसला लेने में कई सप्ताह लग सकते हैं, जिसके बाद ही दोनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर, स्विगी व जोमैटो के पास सीसीआई के जांच निष्कर्षों को चुनौती देने का विकल्प है।
अन्य रेस्टोरेंट्स को हो रहा नुकसान
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के दस्तावेज में कहा गया है कि स्विगी और जोमैटो की प्रतिस्पर्धा-रोधी कारोबार प्रथाओं की वजह से अन्य रेस्टोरेंट्स प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि वे अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कम कीमतों की पेशकश नहीं कर सकते। भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ ने दोनों कंपनियों के इस प्रतिस्पर्धा-रोधी कारोबार प्रथाओं के कारण रेस्टोरेंट्स को होने वाले नुकसान को देखते हुए सीसीआई में शिकायत की थी। इसके बाद ही भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने स्विगी और उसकी प्रतिद्वंद्वी जोमैटो के खिलाफ 2022 में जांच शुरू की थी।
2.37% टूटा जोमैटो का शेयर
जांच रिपोर्ट आने के बाद जोमैटो का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 2.37 फीसदी की गिरावट के साथ 249.10 रुपये पर बंद हुआ।
मैक्वेरी कैपिटल के अनुमान के मुताबिक, 2024-25 में स्विगी के फूड ऑर्डर का मूल्य 3.3 अरब डॉलर होगा, जो जोमैटो से करीब 25 फीसदी कम है।
दोनों कंपनियां अब तेजी से क्विक-कॉमर्स में विविधता ला रही हैं, जहां किराने का सामान 10 मिनट से भी कम समय में डिलीवर किया जाता है।