SVB Crisis: आम जनता के लिए बहुत कम ज्ञात एसवीबी स्टार्टअप के वित्तपोषण की विशेषज्ञता रखता था और संपत्ति के मामले में अमेरिका का 16 वां सबसे बड़ा अमेरिकी बैंक बन गया था। 2022 के अंत में इसके पास संपत्ति में 209 बिलियन डॉलर की संपत्ति थी, साथ ही बैंक के पास लगभग 175.4 बिलियन डॉलर जमा के रूप में थे।
अमेरिकी ऋणदाता सिलिकॉन वैली बैंक की मूल फर्म ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया है। एसवीबी फाइनेंशियल ग्रुप ने अमेरिकी अधिकारियों की ओर से बैंक की संपत्तियों को जब्त करने के लगभग एक हफ्ते बाद यह कदम उठाया है। मध्यम आकार के इस बैंक के लिए अपने दम पर कारोबार करना संभव नहीं रहने के कारण अमेरिकी नियामकों ने बैंक में तालाबंदी का फैसला लिया था।
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दिवालियापन की प्रक्रिया फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) की ओर से सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) की परिसंपत्तियों की बिक्री से अलग होगी। एफडीआईसी एक स्वतंत्र एजेंसी है जो अमेरिका की वित्तीय प्रणाली में स्थिरता और जनता का विश्वास बनाए रखती है।
आम जनता के लिए बहुत कम ज्ञात एसवीबी स्टार्टअप के वित्तपोषण की विशेषज्ञता रखता था और संपत्ति के मामले में अमेरिका का 16 वां सबसे बड़ा अमेरिकी बैंक बन गया था। 2022 के अंत में इसके पास संपत्ति में 209 बिलियन डॉलर की संपत्ति थी, साथ ही बैंक के पास लगभग 175.4 बिलियन डॉलर जमा के रूप में थे।
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एसवीबी संकट 2008 में वाशिंगटन म्यूचुअल के बाद से अमेरिका में सबसे बड़ी बैंक विफलता है। अमेरिका में किसी खुदरा बैंक के लिए यह दूसरी सबसे बड़ी विफलता भी है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अनुमान लगाया था कि सैकड़ों भारतीय स्टार्टअप्स का भी एसवीबी में करीब एक अरब डॉलर से अधिक का फंड जमा है।