केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत की विकास यात्रा में स्थिरता 'अनिवार्य' है और इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्ता, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक मानकों में सामंजस्य स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा।
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल आयोग (आईईसी) आम बैठक प्रदर्शनी के उद्घाटन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत ने हमेशा प्रकृति का सम्मान करने और पर्यावरण के साथ सद्भाव में रहने में विश्वास किया है। यही इसके विकास पथ का आधार है।
मंत्री ने कहा, "भारत विकास के आधार स्तंभ के रूप में स्थिरता पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहा है, क्योंकि प्रत्येक भारतीय स्वाभाविक रूप से प्रकृति का सम्मान करने में विश्वास करता है।" उन्होंने कहा कि भारत अपने जलवायु लक्ष्यों के प्रति मजबूरी में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वैश्विक नागरिक के रूप में प्रतिबद्ध है।
आर्थिक विकास में मानकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले मानकों ने वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं को समृद्ध बनाने में मदद की है। ये भारत के विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईईसी बैठक जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंच देशों को मानकों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए विचारों और तरीकों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे खुले बाजारों का विस्तार होता है, मुक्त व्यापार को प्रोत्साहन मिलता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलता है।