Sunil Mittal: लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) उपग्रह संचार फर्म वनबेव ने कल आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसरो एलएमवी 3 रॉकेट से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही लंदन स्थित कंपनी के इन-ऑर्बिट फर्स्ट जेनरेशन तारामंडल का कुल बेड़ा 618 हो गया है।
उपग्रह दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी वनवेब के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय पर हस्तक्षेप और इसरो रॉकेट उपलब्ध कराने में भारत सरकार के समर्थन ने रविवार को वनवेब के 36 उपग्रहों के अंतिम सेट के महत्वपूर्ण प्रक्षेपण का रास्ता साफ किया।
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लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) उपग्रह संचार फर्म ने कल आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसरो एलएमवी 3 रॉकेट से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही लंदन स्थित कंपनी के इन-ऑर्बिट फर्स्ट जेनरेशन तारामंडल का कुल बेड़ा 618 हो गया है। ये उपग्रह कंपनी को अंतरिक्ष से पृथ्वी पर किसी भी स्थान पर ब्रॉडबैंड इंटरनेट कवरेज देने की क्षमता प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद हमें बड़ा झटका लगा क्योंकि उपग्रहों के छह प्रक्षेपण, जिन्हें अनुबंधित किया गया था और जिनके लिए पूरी तरह से भुगतान किया गया था, उन्हें टाल दिया गया। भारती ग्लोबल के संस्थापक और चेयरमैन मित्तल ने कहा, 'न केवल वनवेब अपना पैसा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहा था, बल्कि इसने 36 उपग्रहों और तीन बहुत मूल्यवान डिस्पेंसर भी खो दिया। ये डिस्पेंसर जो अंतरिक्ष में उपग्रहों का प्रक्षेपण करते हैं।
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दूरसंचार कारोबारी ने प्रक्षेपण के बाद ऑनलाइन बातचीत में मीडियाकर्मियों से कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षण को पहचाना और भारत में पूरे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को वनवेब को दो रॉकेट मुहैया कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि उनका यह फैसला हमारे लिए पासा पलटने वाला यानी गेम चेंजर साबित हुआ है।