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एयरटेल: 'सैटेलाइट इंटरनेट की कतार में मस्क से काफी आगे हूं, तीन साल से ढांचा तैयार', सुनील भारती का बयान

Thu, 15 Oct 2026 06:18 AM IST
नितिन गौतम अमर उजाला ब्यूरो

सार

भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल का कहना है कि उनकी कंपनी सैटेलाइट लाइसेंस मिलने की कतार में मस्क की कंपनी से भी आगे है। मस्क कई दिनों से भारतीय कंपनियों की मॉनोपॉली होने का दावा कर रहे हैं। 
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सुनील मित्तल - फोटो : ANI
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विस्तार
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स्टारलिंक को सैटेलाइट लाइसेंस मिलने में देरी संबंधी आरोपों पर भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने एलन मस्क पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मस्क के एकाधिकार के दावों समेत सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा कि सैटेलाइट लाइसेंस मिलने की कतार में मैं मस्क से काफी आगे हूं लेकिन मैं भी अभी इंतजार ही कर रहा हूं। अगर मस्क से कुछ दिन पहले भी हमें मंजूरी मिल जाए तो हमें बेहद खुशी होगी। सुनील ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनमी फोरम में यह बातें कहीं।
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एलन मस्क सोशल मीडिया पर कर रहे शिकायत
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी अरबपति कारोबारी एलन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार शिकायत कर रहे थे कि भारत में उनकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक को फाइनल कमर्शियल मंजूरी मिलने में बहुत देरी हो रही है। मस्क ने परोक्ष रूप से आरोप लगाया था कि भारत के कुछ ताकतवर उद्योगपति (जैसे मुकेश अंबानी) अपना एकछत्र राज (मोनोपॉली) बनाए रखने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर स्टारलिंक का रास्ता रोक रहे हैं। इस पर सुनील मित्तल से जब पूछा गया तो उन्होंने मस्क के दावों को नकारते हुए साफ किया कि देरी किसी भेदभाव के कारण नहीं, बल्कि भारत सरकार की सख्त सुरक्षा जांच और नियमों की वजह से हो रही है, जिसका सामना सभी को करना पड़ रहा है।

5 साल से चक्कर काट रहे भारती ग्रुप के सैटेलाइट 
  • मित्तल ने याद दिलाया कि उनकी खुद की सैटेलाइट वेंचर यूटेलसैट वन वेब ने स्टारलिंक से पांच साल पहले ही आवेदन कर दिया था। ऐसे में अगर निष्पक्षता से देखा जाए, तो कतार में पहला हक उनका बनता है। मित्तल बोले, भारती ग्रुप के सैटेलाइट पिछले 5 वर्षों से भारत के ऊपर चक्कर काट रहे हैं और उनका ग्राउंड नेटवर्क भी पिछले 3 साल से पूरी तरह तैयार खड़ा है।
  • इसके बावजूद नियमों के कारण उन्हें भी अभी तक फाइनल कमर्शियल रोलआउट की अनुमति नहीं मिली है। उधर, भारत सरकार पहले ही मस्क के आरोपों को पूरी तरह निराधार बता चुकी है। सरकार का साफ तौर पर कहना है कि स्टारलिंक, जियो और एयरटेल-समर्थित वनवेब तीनों ही इस समय रेगुलेटरी और नेशनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस के एक ही चरण में हैं।
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आकाश अंबानी ने कहा था, सभी को करना है नियमों का पालन
इससे पहले मस्क के आरोपों पर रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी भी जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा था, भारतीय टेलीकॉम कंपनियों पर मस्क का 'मोनोपॉली' बनाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। जियो भी उसी भारतीय रेगुलेटरी सिस्टम के तहत काम कर रही है और नियमों का पालन कर रही है, जिसका पालन स्टारलिंक को करना है।
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