सेबी ने अंतरिम आदेश में कहा, नियमों के कथित उल्लंघन के समय जेडईईएल के चेयरमैन चंद्रा और निदेशक गोयनका ने अहम प्रबंधकीय पद पर रहते हुए अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। निजी लाभ के लिए जेडईईएल के फंड को महज दो दिन में ही 13 कंपनियों में लगाया गया था।
बाजार नियामक सेबी ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लि. (जेडईईएल) के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ पुनीत गोयनका पर किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय पद (केएमपी) पर रहने पर रोक लगा दी है। जेडईईल के फंड को दूसरी कंपनियों में लगाए जाने के मामले में दोषी पाए जाने पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को दोनों पर यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन
सेबी ने अंतरिम आदेश में कहा, नियमों के कथित उल्लंघन के समय जेडईईएल के चेयरमैन चंद्रा और निदेशक गोयनका ने अहम प्रबंधकीय पद पर रहते हुए अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। निजी लाभ के लिए जेडईईएल के फंड को महज दो दिन में ही 13 कंपनियों में लगाया गया था।
लाभ के बावजूद शेयर मूल्य में आई गिरावट
नियामक ने कहा, जेडईईएल के शेयरों का मूल्य 2018-19 में 600 रुपये था। 2022-23 तक यह गिरकर 200 रुपये के करीब आ गया। कंपनी के लाभ में होने के बावजूद शेयर मूल्य में आई गिरावट से पता चलता है कि जेडईईल में सब कुछ ठीक नहीं था।
विज्ञापन
...फिर भी अहम पदों पर काबिज
2018-19 से 2022-23 के बीच जेडईईएल में प्रवर्तकों का हिस्सा 41.62 फीसदी से घटकर 3.99% रह गया। इतनी कम हिस्सेदारी के बावजूद चंद्रा और गोयनका अहम पदों पर बने हुए हैं।