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Share Market: घरेलू निवेशकों की दमदार वापसी, 2026 में एफआईआई की वापसी पर टिकी बाजार की नजर

Tue, 06 Jan 2026 03:03 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

पिछले साल 2025 में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों (डीआईआई) के रिकॉर्ड निवेश से भारतीय शेयर बाजार स्थिर बना रहा। कमजोर आय, ऊंचा मूल्यांकन और रुपये की गिरावट एफआईआई की निकासी की मुख्य वजह रही। 2026 में आय में सुधार और रुपये में मजबूती से विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद है।
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शेयर बाजार - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। जहां एक ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार शेयर बेंचे तो वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने निवेश को लगातार बढ़ाया। इसकी वजह से शेयर बाजार में स्थिरता बनी रही। 

घरेलू और विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार कितना किया निवेश

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार डीआईआई का इक्विटी प्रवाह 90 अरब डॉलर के साथ अब तक का सबसे उच्च स्तर का इनफ्लो रहा, जबकि एफआईआई ने 2025 में लगभग 19 अरब डॉलर के साथ इक्विटी से अब तक उच्च स्तर का आउटफ्लो रहा है। जानकारों का कहना है 2026 में भारतीय शेयर बाजार में एफआईआई की वापसी कर सकते हैं। पिछले साल रिकॉर्ड निकासी को प्रेरित करने वाली परिस्थितियां अब सामान्य हो रही है, साथ ही आय में वृद्धि भरोसा, मूल्यांकन और मैक्रो स्थिरता अनुकूल हो रही है।

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एफआईआई की भारतीय बाजारों में बिकवाली की वजह

रिपोर्ट के अनुसार बिकवाली का मुख्य कारण कॉरपोरेट कंपनियों की कमजोर आय, प्रीमिमय मूल्यांकन, अमेरिकी टैरिफ और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी रही। रिपोर्ट के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार की संभावनाओं को लेकर आशंकित हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट ने भी भारतीय वित्तीय बाजारों से विदेशी निवेशकों को बाहर निकलने में मदद की। रिपोर्ट बताती है कि भारतीय रुपया 2025 में डॉलर के मुकाबले 4.72 प्रतिशत गिरा, जो वर्ष 2022 के बाद का इसका सबसे खराब प्रदर्शन रहा है, उस दौरान यह 10 प्रतिशत गिरा था।

2026 में एफआईआई भारतीय बाजार में आकर्षित होंगे

जियोजित इंवेस्टमेंट के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजय कुमार कहते हैं कि एफआईआई का निवेश निश्चित रूप से जारी रहेगा। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 2026 की शुरुआत में बिकवाली जारी रख सकते हैं क्योंकि भारतीय बाजार का मूल्यांकन अभी भी अपेक्षाकृत अधिक है। लेकिन आय में सुधार के संकेतों के चलते एफआईआई इस साल खरीदारी की ओर रुख कर सकते हैं। 2026 की पहली छमाही में रुपये में भी मामूली मजबूती आने की संभावना है। इससे भी खरीदारी को प्रोत्साहन मिल सकता है,

डीआईआई का निवेश इस साल रहेगा जारी

रिपोर्ट के अनुसार डीआईआई भारतीय शेयरों की खरीदारी को जारी रखेंगे, क्योंकि आय में सुधार के साथ अर्थव्यवस्था में गति आने का असर निवेशकों पर होगा। वहीं भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बाजार के दोनों निवेशकों के लिए अच्छी खबर होगी।

रुपये की चाल तय करेगी बाजार की रणनीति

श्रीकांत चौहान कहते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि 2026 में रुपया कैसा प्रदर्शन करेगा। मेरा अनुमान है साल 2026 में एफआईआई और डीआईआई के बीच खींचतान जारी रहेगी। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि रुपया यदि मजबूत होता है, तो वह कितना होगा। बाजार की अगली रणनीति यह ही तय करेंगे। वे कहते हैं रुपया 92 के स्तर तक गिर सकता है, लेकिन सबसे अच्छी स्थिति में मुद्रा फिर 87 के स्तर तक मजबूत हो सकती है। इससे विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में खरीदारी शुरू कर सकते हैं। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में इसमें सुधार देखने को मिल सकता है, क्योंकि आय वृद्धि और व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण के बाद भी एफआईआई की हिस्सेदारी कम होने की संभावना है। निफ्टी की आय वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान  16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की दर से बढ़ने की अनुमान है।

आंकड़ें पर एक नजर

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 में इक्विटी में डीआईआई का प्रवाह अब तक सबसे उच्च स्तर का 90.1 अरब डॉलर का रहा, जबकि कैंलेडर वर्ष 2024 में यह प्रवाह 62.9 अरब डॉलर का था। कैंलेडर वर्ष 2015 के बाद एक वर्ष के इनफ्लो को छोड़ दे तो भारतीय निवेशकों ने पिछले 10 वर्षों में कुल 255.8 अरब डॉलर का निवेश किया है।

वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों के आउटफ्लो की बात करें तो, वित्त वर्ष 2025 में 18.8 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक इक्विटी आउटफ्लो देखा गया। जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 0.8 अरब डॉलर था। पिछले 10 वर्षों में एफआईआई ने कुल मिलकार 32.3 अरब डॉलर का निवेश किया जिसमें चार साल का आउटफ्लो शामिल है।

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