वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का एलान किया। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 12:31 तक 2174.33 अंक गिरकर 80,095.45 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 748.50 अंक गिरकर 24,592.15 अंक पर आ गया। हालांकि बाद में बाजार संभलता हुआ दिखाई दिया।
वित्त मंत्री ने शेयर बाजार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के लिए बायबैक के टैक्स में परिवर्तन किया जाएगा।
एनएसई और बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को 'विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र' आयोजित किया जा गया। एक्सचेंजों का कहना है कि बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए रविवार होने के बावजूद बाजार बंद नहीं रहेगा। आजाद भारत के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को भी शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, उस समय रविवार के दिन भी घरेलू शेयर बाजार में कारोबार हुआ था।
बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट के दिन बाजार का खुला रहना बेहद जरूरी है। वित्त मंत्री का भाषण आमतौर पर सुबह 11 बजे शुरू होता है। इस दौरान राजकोषीय घाटे, टैक्स स्लैब और सेक्टर-विशिष्ट घोषणाएं सामने आती हैं।
1. तत्काल फैसला: निवेशक बजट के ऐलानों का असर तुरंत कीमतों पर देख सकेंगे और फैसला ले सकेंगे।