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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 715 अंक लुढ़का, निफ्टी फिसलकर 24000 के नीचे आया

Wed, 22 Jul 2026 04:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

22 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 715 अंक से अधिक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी 191 अंक से ज्यादा की गिरावट आई। इस बिकवाली के कारण निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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सेंसेक्स क्लोजिंग बेल - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक फीसदी तक लुढ़क गए। कच्चे तेल के दामों में तेज उछाल और बैंक शेयरों में भारी बिकवाली इसकी मुख्य वजह रही।

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30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92 फीसदी गिरकर 76,755.05 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 828.92 अंक या 1 फीसदी तक गिरकर 76,641.19 अंक पर आ गया था। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 फीसदी की गिरावट के साथ 23,996.25 अंक पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 96.53 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स समूह में इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक प्रमुख पिछड़ने वाले शेयर रहे। हालांकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.68 फीसदी उछलकर 95.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?

एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि कच्चे तेल के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई। मध्य पूर्व में लगातार भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन कारणों से निवेशक जोखिम से बचने के तरीके में रहे। प्रमुख सूचकांकों पर पूरे सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव देखा गया। अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक गिरावट दर्ज की गई। इसने पहली तिमाही के आय सत्र की उत्साहजनक शुरुआत को फीका कर दिया।

निवेशकों की धारणा पर किन बातों का असर पड़ा?

निवेशकों का ध्यान समष्टि आर्थिक पृष्ठभूमि पर बना रहा। कच्चे तेल के बढ़ते दामों ने धारणा को प्रभावित किया। संभावित अमेरिकी शुल्क को लेकर भी नई चिंताएं पैदा हुईं। विशेष रूप से फार्मास्युटिकल आयात पर शुल्क लगने की आशंका थी। इन सभी कारकों ने बाजार की धारणा पर भारी असर डाला।

वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा और एफआईआई की क्या भूमिका रही?

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को खरीदार बने थे। उन्होंने पिछले कारोबार में 1,650.16 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी थी। मंगलवार को सेंसेक्स 238.41 अंक गिरकर 77,470.11 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 50.80 अंक गिरकर 24,187.70 अंक पर बंद हुआ था।

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