केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) और दूसरी इकाइयों से जुड़ी चिंताओं के निदान के लिए प्रक्रियाओं एवं नीतियों को व्यवस्थित किया जा रहा है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गंगवार ने यह जानकारी साझा की। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि साल 2019 में ईपीएफ से संबंधित 9,02,203 शिकायतें मिलीं और इनमें से 8,38,579 शिकायतों का निस्तारण किया गया था।
बता दें कि अबतक मुख्य रूप से बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान ही अपने ग्राहकों को ओटीपी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड और अन्य व्यक्तिगत विवरणों को किसी के साथ साझा नहीं करने की चेतावनी दे रहे थे। क्योंकि कई शातिर हैकर्स बैंक कर्मचारियों के रूप में फोन कर ग्राहकों से धोखाधड़ी करने में लगे थे। लेकिन EPFO भी अपने सदस्यों को इसी तरह की चेतावनी जारी कर चुका है।
यह संभव है कि फोन करने वाले फ्रॉड खुद को ईपीएफओ के अधिकारियों के रूप में प्रस्तुत कर रहे हों और ईपीएफ ग्राहकों को अपना ईपीएफ खाता विवरण साझा करने के लिए कह रहे हों।
अपने संदेश में भविष्य निधि संगठन ने कहा है कि ईपीएफओ आपसे कभी भी अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे आधार, पैन, यूएएन, बैंक विवरण आदि को फोन पर साझा करने के लिए नहीं कहता है। ईपीएफओ कभी भी किसी सदस्य या ग्राहक को कॉल नहीं करता है। कृपया इस तरह के फर्जी कॉल का जवाब न दें।
नवंबर, 2019 में नई नौकरियों की संख्या बढ़कर 14.33 लाख हो गई थी, जबकि अक्तूबर में यह 12.60 लाख रही थीं। ईएसआईसी के आंकड़ों में ये बातें सामने आई थीं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान ईएसआईसी में कुल 1.49 करोड़ नए नामांकन हुए। इससे यह भी पता चलता है कि सितंबर, 2017 से नवंबर, 2019 के दौरान ईएसआईसी योजना से 3.37 करोड़ नए सदस्य जुड़े।