महामारी की मार झेल रहे स्टार्टअप
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कोविड-19 महामारी ने भारतीय व्यवसायों, विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) और स्टार्टअप्स पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला है। साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी सेक्टर्स को बड़ा झटका लगा है। स्टार्टअप्स की बात करें, तो 2020 में नए टेक स्टार्टअप्स में 44 फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट आई है। साल 2019 में जहां कुल नए टेक स्टार्टअप्स की संख्या 5,509 थी, वो अब 44.4 फीसदी कम होकर 3,061 रह गई है।
कम हुई इक्विटी फंडिंग द्वारा जुटाई गई राशि
2020 में टेक स्टार्टअप्स ने कुल इक्विटी फंडिंग के जरिए 30.9 फीसदी कम राशि जुटाई और यह आंकड़ा 11.4 अरब डॉलर पर आ गया। वहीं साल 2019 में टेक स्टार्टअप्स द्वारा इक्विटी फंडिंग के जरिए 16.5 अरब डॉलर जुटाए गए थे। 2020 में ये फंड्स 1,152 राउंड्स में जुटाए गए थे, जिसमें से 448 फंडिंग सीरीज A+ थे।
इसलिए आई गिरावट
2019 में स्टार्टअप्स ने रफ्तार पकड़ी थी, लेकिन 2020 में इसमें ब्रेक लग गई। स्टार्टअप इंटेलिजेंस कंपनी ट्रेक्शन ने ये आंकड़ों जारी किए, जिसके अनुसार इस गिरावट के पीछे का कारण कोरोना वायरस महामारी और उसे फैलने से रोकने के लिए लगाया गया लॉकडाउन है।
किन बिजनेस मॉडल्स पर रहा फोकस?
2020 में सबसे पॉपुलर बिजनेस मॉडल्स में बाइजूस और अनएकेडेमी जैसे टेस्ट की तैयारी कराने वाले, फूड डिलीवरी, डिजिटल वॉलेट्स, इंटरनेट फर्स्ट रेस्टोरेंट्स, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सर्विसेज, वर्नाकुलर न्यूज एग्रीगेटर्स जैसे कुछ मॉडल्स शामिल रहे। पिछले साल इस तरह के बिजनेस मॉडल्स पर फोकस रहा।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- इस साल 12 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स उभरे हैं।
- सिकोया कैपिटल ने 106 सौदों के जरिए कुल 5.1 अरब डॉलर का निवेश किया।
- 48 सौदों के जरिए मैट्रिक्स पार्टनर्स ने 1.8 अरब डॉलर का निवेश किया है।
- ब्लूम वेंचर्स ने 50 सौदों के जरिए 1.7 अरब डॉलर का निवेश किया।
- एस्सेल ने 56 सौदों के जरिए 1.1 अरब डॉलर का निवेश किया है।
- ट्रेक्शन के मुताबिक, कुल 909 निवेशकों में से 365 निवेशक पहली बार के लिए थे, जबकि 505 अंतरराष्ट्रीय निवेशक थे।
- वर्तमान में भारत में 73,000 से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से करीब 8,000 फंडेड स्टार्टअप्स हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में करीब 75 फीसदी स्टार्टअप्स बंद हो सकते हैं।