नकदी संकट से जूझ रही श्रीलंका सरकार की ओर करीब 300 वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध हटाए जाने के करीब एक सप्ताह सरकार के एक मंत्री ने बड़ा बयान दिया है। एक वरिष्ठ मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश वाहनों के आयात को फिर से शुरू करने का जोखिम नहीं उठा सकता क्योंकि देश अब भी अमेरिकी डॉलर की भारी कमी से जूझ रहा है। राज्य के वित्त मंत्री रंजीथ सियाम्बलापिटिया ने कहा, "अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर अब आपूर्ति और मांग से निर्धारित होती है। हम अब डॉलर की दर को बनाए रखने के लिए अपना भंडार खर्च नहीं करते हैं।"
वित्त मंत्री बोले- वाहनों की निर्यात पर बहुत डॉलर खर्च होते हैं, इसलिए फिलहाल ऐसा नहीं कर सकते
पिछले सप्ताह सियाम्बलापिटिया ने संकेत दिया था कि सरकार कर संग्रह बढ़ाने के लिए वाहनों का आयात फिर से शुरू कर सकती है। हालांकि, चीजें तब जटिल हो गईं, जब सरकार को ईंधन आयात करने के लिए पिछले सप्ताह लगभग 80 मिलियन अमरीकी डालर खर्च करने पड़े। सियाम्बलापिटिया ने कहा, 'अगर 75-80 करोड़ डॉलर का यह प्रभाव पड़ सकता है तो हमें वाहनों के आयात की अनुमति के प्रभाव पर बारीकी से विचार करने की जरूरत है क्योंकि उनमें बड़ी मात्रा में डॉलर की खपत होती है।
वाहनों के आयात के प्रस्ताव का गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिएः मंत्री
मंत्री ने आगे कहा कि वाहनों के आयात के प्रस्ताव का गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक देश के तौर पर हम एक बड़े आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, केवल सतही तौर पर निर्णय लेने के बजाय, हमें सभी पहलुओं की जांच करनी चाहिए और पूरी अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का गहराई से पता लगाना चाहिए। पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय ने 286 वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध हटा दिया था।