आसियान देशों का बड़ा निर्यात अमेरिका होता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन के टैरिफ लगाने के बाद आसियान देशों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका ने सिंगापुर पर 10 प्रतिशत तो कंबोडिया जैसे छोटे देश पर 49 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का एलान किया था। हालांकि फिलहाल तो अमेरिका ने टैरिफ लगाने पर 90 दिनों की छूट दी है।
मलयेशिया में आसियान देशों के शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई। आसियान शिखर सम्मेलन में मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अलग-अलग देशों के बजाय आसियान देशों के एक एकीकृत ब्लॉक के रूप में बात करने का सुझाव दिया। आसियान शिखर सम्मेलन में म्यांमार में जारी गृह युद्ध को रोकने के लिए भी कुछ ठोस कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है। आसियान शिखर सम्मेलन इस साल मलयेशिया में आयोजित किया जा रहा है।
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टैरिफ मुद्दे पर चर्चा के लिए एकीकृत ब्लॉक
सम्मेलन की शुरुआत में मलयेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने कहा कि 'वे चाहते हैं कि टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से चर्चा के लिए एक एकीकृत ब्लॉक बनाया जाए।' इस साल के अंत में टैरिफ मुद्दे पर आसियान और अमेरिका के बीच बातचीत हो सकती है। आसियान देशों ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो आसियान देशों की तरफ से अमेरिका से टैरिफ मुद्दे पर चर्चा करेगी। आसियान देशों में सिंगापुर, इंडोनेशिया, मलयेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हैं तो वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार जैसे छोटे देश भी शामिल हैं।
आसियान देशों का बड़ा निर्यात अमेरिका होता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन के टैरिफ लगाने के बाद आसियान देशों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका ने सिंगापुर पर 10 प्रतिशत तो कंबोडिया जैसे छोटे देश पर 49 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का एलान किया था। हालांकि फिलहाल तो अमेरिका ने टैरिफ लगाने पर 90 दिनों की छूट दी है।
आर्थिक विकास को तेजी देने की कोशिश जारी
आसियान देशों के नेताओं ने अपनी अर्थव्यवस्था की गति को बेहतर करने के लिए मंगलवार को चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और गल्फ कॉपरेशन काउंसिल के सदस्य देशों के नेताओं से मुलाकात की। गल्फ काउंसिल में बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब और यूएई जैसे देश शामिल हैं। सोमवार को आसियान देशों ने आर्थिक और सामाजिक एकीकरण के लिए अगले 20 साल की कार्ययोजना भी लॉन्च की।
आसियान देशों ने म्यांमार में जारी हिंसा पर भी चिंता जाहिर की और शांति के लिए एकजुट प्रयास करने की बात कही। आसियान देशों ने इसके लिए एक सलाहकार समूह का गठन किया है, जिसका नेतृत्व थाईलैंड के पूर्व नेता थाकसिन शिनेवात्रा करेंगे। इस मुद्दे पर मलयेशिया के पीएम ने बीते महीने म्यांमार के सेना प्रमुख से भी बात की थी।