दक्षिण कोरिया लगातार जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है। वह युवाओं में शादी और बच्चे पैदा करने में दिलचस्पी लेने के लिए लगातार नए-नए पैतरे आजमा रहा है। इसी क्रम में, उसने अब फैसला लिया है कि वह घरेलू कामकाज और बच्चों की देखभाल का बोझ कम करने के लिए विदेशों से कर्मचारी बुलाएगा।
एक पायलट कार्यक्रम होगा शुरू
सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि राजधानी सियोल में 100 विदेशी घरेलू सहायकों को काम शुरू करने की अनुमति देने वाला एक पायलट कार्यक्रम दिसंबर में शुरू किया जाएगा। यह योजना विदेशी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए पात्र उद्योगों और कंपनियों की संख्या का विस्तार करेगी। गौरतलब है, दक्षिण कोरिया फिलहाल जनसंख्या की कमी से जूझ रहा है।
इन घरों में रखें जाएंगे
पायलट कार्यक्रम विदेशी घरेलू कामगारों को 20 से 40 वर्ष की आयु के दोहरे आय वाले विवाहित जोड़ों, एकल-माता-पिता वाले परिवारों और बहु-बाल परिवारों में भेजने को प्राथमिकता देगा, क्योंकि इन लोगों को घरेलू काम में मदद की सबसे अधिक मांग है। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य घर के काम और बच्चों की देखभाल के बोझ को कम करना है।
यह हैं शर्तें
विज्ञप्ति के अनुसार, जिन लोगों को काम पर रखा जाएगा उनके लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं।
जैसे- श्रमिकों की आयु कम से कम 24 वर्ष होनी चाहिए
किसी भी अपराध में शामिल न हो
नशीले पदार्थों का सेवन न करता हो
काम करने का तरीका और भाषाओं के ज्ञान का मूल्यांकन भी होगा।
कहा गया है कि श्रमिकों को विश्वसनीय एजेंसियों के माध्यम से कोरिया के लोगों के घरों में काम पर रखा जाएगा, जो छह महीने तक नजर रखेगी।
यह है कारण
बता दें, दक्षिण कोरिया के युवाओं में शादी नहीं करने का क्रेज ज्यादा बढ़ गया है। दरअसल, पढ़ी-लिखी महिलाएं शादी और बच्चे पैदा करने को लेकर सोचती है कि उनके करियर में रुकावट आ जाएगी। वहीं, बच्चों की देखभाल और काम के बोझ के साथ-साथ जीवनयापन की बढ़ती लागत भी एक अहम वजह है।
इस सप्ताह की शुरुआत में एक सरकारी रिपोर्ट से सामने आया कि 19 से 34 वर्ष की आयु के आधे से अधिक युवाओं का मानना है कि शादी के बाद भी बच्चे पैदा करने की जरूरत नहीं है। केवल 36.4 फीसदी ने शादी न करने की वजह आर्थिक संकट को बताया।