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सोना कॉमस्टार विवाद: आरके फैमिली ट्रस्ट से रानी कपूर को हटाने की तैयारी में प्रिया सचदेव, भेजा नोटिस

Tue, 24 Mar 2026 09:04 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोना बीएलडब्ल्यू के कपूर परिवार में कॉर्पोरेट और पारिवारिक विवाद गहराया। प्रिया सचदेव ने रानी कपूर को आरके फैमिली ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से हटाने का नोटिस भेजा। दोनों पक्षों के बीच जारी इस कानूनी लड़ाई की पूरी कहानी समझने के लिए पढ़ें यह खबर।
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संजय कपूर का कुनबा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत की प्रमुख ऑटो कंपोनेंट्स निर्माता कंपनी सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स के कपूर परिवार में जारी विवाद अब और गहरा गया है। सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने अपनी सास रानी कपूर को 'आरके फैमिली ट्रस्ट' के ट्रस्टी पद से हटाने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा है। परिवार के भीतर चल रही यह खींचतान अब ट्रस्ट के नियंत्रण और कॉर्पोरेट विरासत की एक बड़ी कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुकी है।

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नोटिस के मुख्य आरोप और तत्काल प्रभाव
पीटीआई ने दावा किया है कि इस नोटिस में प्रिया सचदेव ने रानी कपूर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। 

  • प्रिया का आरोप है कि रानी कपूर ने अपने प्रत्ययी कर्तव्यों का उल्लंघन किया है और उनका आचरण ट्रस्ट व इसके लाभार्थियों के हितों के सख्त खिलाफ रहा है।
  • नोटिस के अनुसार, प्रिया ने आरोप लगाया है कि रानी कपूर ने "ट्रस्ट की वैधता को चुनौती दी है और ट्रस्ट को उसकी सभी संपत्तियों से वंचित करने की कोशिश की है," जिससे वह ट्रस्ट के एक ट्रस्टी के रूप में बने रहने के लिए अक्षम हो गई हैं।
  • ट्रस्ट डीड के क्लॉज का हवाला देते हुए प्रिया ने अपने नोटिस में साफ किया है कि रानी कपूर को 25 मार्च, 2026 से ट्रस्टी के पद से औपचारिक रूप से हटा दिया गया है।
  • इस निष्कासन के प्रभाव में आने के बाद, रानी कपूर के पास अब ट्रस्ट की ओर से कार्य करने, इसके प्रशासन में दखल देने, ट्रस्ट की बैठकों में भाग लेने, ट्रस्ट की किसी भी संपत्ति से निपटने या ट्रस्ट के दस्तावेजों, डेटा और वित्तीय रिपोर्ट आदि तक पहुंच प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

आरके फैमिली ट्रस्ट की पृष्ठभूमि 
आरके फैमिली ट्रस्ट का निर्माण साल 2017 में रानी कपूर ने किया था। यह ट्रस्ट मुख्य रूप से उनके इकलौते बेटे दिवंगत संजय कपूर के लाभ के लिए बनाया गया था, जो अपने जीवनकाल के दौरान इसके एकमात्र लाभार्थी थे। संजय कपूर दिग्गज ऑटो कंपोनेंट कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन भी थे। 

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यह विवाद केवल ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे तौर पर कॉर्पोरेट बोर्डरूम पर पड़ रहा है। सोना ग्रुप की पूर्व चेयरपर्सन और पूर्व चेयरमैन सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर ने सोना कॉमस्टार में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में प्रिया की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया था। 
 
क्या है पूरा मामला विस्तार से समझिए
इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। 

  • रानी कपूर का नोटिस: घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल ही में 21 मार्च 2026 को रानी कपूर ने भी ट्रस्ट डीड के क्लॉज 8.12 के तहत प्रिया को ट्रस्टी पद से हटाने का एक नोटिस जारी किया था।
  • विरासत हड़पने का आरोप: पिछले साल जुलाई में रानी कपूर ने यह आरोप लगाया था कि जब संजय कपूर की अचानक मृत्यु के कारण पूरा परिवार शोक में था, तब कुछ लोगों ने इस समय को परिवार की विरासत पर कब्जा करने और उसे हड़पने के एक उपयुक्त अवसर के रूप में चुना।

अब आगे क्या?
वर्तमान में कपूर परिवार के दोनों पक्ष एक लंबी कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं। आरके फैमिली ट्रस्ट की वैधता और इसके प्रशासन से संबंधित यह पूरा विवाद फिलहाल दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद पर अदालत का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि सोना ग्रुप की इस महत्वपूर्ण पारिवारिक विरासत का नियंत्रण भविष्य में किसके हाथों में रहेगा।

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