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किसानों की आय बढ़ाएगा सॉयल हेल्थ कार्ड, छोटे-सीमांत किसानों को सामाजिक उद्यमों से जोड़ेगी सरकार

Tue, 08 May 2018 11:15 AM IST
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को उपज का सही दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार सॉयल हेल्थ कार्ड का प्रयोग एक उपकरण की तरह करने की तैयारी में है। करीब चार करोड़ किसानों का आंकड़ा जुटा चुके इस प्लेटफार्म से खाद्य क्षेत्र में काम कर रहे सामाजिक उद्यमों को जोड़ा जाएगा। ये उद्यम किसानों को सही कीमत मुहैया कराने की मुहिम में सरकार का साथ देने को तैयार हैं।

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कृषि मंत्रालय और नीति आयोग किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मुहैया कराने पर काम कर रहे हैं। इसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में छोटे और सीमांत किसानों से सीधे खरीद कर रहे सामाजिक उद्यमों का मुद्दा भी चर्चा में आया।

माना जा रहा है कि आयोग ने इन उद्यमों से बातचीत की, जिसमें यह निकल कर आया कि किसान उनकी पहुंच से दूर हैं। उन तक पहुंचने का साधन ही इन उद्यमों के पास नहीं है, अन्यथा देशभर में बड़े पैमाने पर किसानों से वे सीधे खरीद कर सकते हैं। 
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नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद के मुताबिक सॉयल हेल्थ कार्ड को एक उपकरण या प्लेटफार्म की तरह इस्तेमाल करने पर विचार हो रहा है। किसान और सामाजिक उद्यमों समेत अन्य, जो सीधे तौर पर किसान से खरीद करना चाहते हैं। उन्हें इसके जरिए एक दूसरे से मिलाया जा सकता है।

इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को होगा। मौजूदा समय किसान दूर तक अनाज ढोने समेत तमाम समस्याओं के मद्देनजर मध्यस्थ को अनाज बेचता है और उन्हें कम-से-कम 30-40 फीसदी का नुकसान होता है।

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मंडियों का एकाधिकार खत्म करने पर जोर

आयोग के मुताबिक इस क्षेत्र में काम कर रहे कई सामाजिक उद्यमी चाहते हैं कि उन्हें छोटे किसानों तक पहुंचने का जरिया मिले। लेकिन अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। सॉयल हेल्थ कार्ड में 3.80 करोड़ किसान अब तक जुड़ चुके हैं और 2.82 करोड़ केंद्र हैं।

इसका बाकायदा ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जिसमें ऐसे उद्यमों को जोड़कर किसानों को बड़ी राहत मुहैया करायी जा सकती है। आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास तौर पर आयोग से देशभर के सामाजिक उद्यमों को इस मुहिम के लिए आगे लाने को कहा है। ताकि छोटे किसानों को सही कीमत मिले और अनाज की मंडियों का एकाधिकार खत्म हो और वह एक समानांतर इकाई बने। 

मध्यस्थों पर निर्भर हैं किसान
आयोग के सदस्य चंद ने कहा कि छोटे किसान पूरी तरह से मध्यस्थों पर निर्भर रहते हैं, जो मंडियों में आकर उसी अनाज को बेचकर फायदा कमाते हैं। हमारा इरादा किसानों और समाजिक उद्यमियों को मिलाना है जो सॉयल हेल्थ कार्ड के जरिए संभव हो सकता है।

गौरतलब है कि सरकार ने मिट्टी की उपज को जांचने और किसानों को उसके बारे में सही राय मुहैया कराने के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी। इसमें तकनीक के जरिए बेहतर उपज के गुर भी बताए जाते हैं।
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