छोटी और मझोली कंपनियों यानी एसएमई के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में आ रही पैसों की बाढ़ के बीच बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों से कहा है कि वे इस तरह के आईपीओ में निवेश करते समय सावधानी बरतें। साथ ही, असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। गैरभरोसेमंद सुझावों व अफवाहों के आधार पर निवेश न करें। शेयरों के भाव बढ़ाने के लिए एसएमई प्लेटफॉर्म पर कई कंपनियां सूचीबद्ध होने के बाद गलत जानकारी दे रही हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा, बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कई एसएमई या उनके प्रवर्तक सार्वजनिक घोषणाओं में बोनस इश्यू, स्टॉक विभाजन, तरजीही आवंटन के मामले में गलत जानकारी दे रहे हैं। इसे देखते हुए निवेशक इनमें भारी पैसा लगा रहे हैं, जिससे पैसा डूबने का खतरा है।
दाम चढ़ाकर प्रवर्तक बेच देते हैं हिस्सा : ज्यादा बोनस और स्टॉक विभाजन जैसे एलान निवेशकों को ऐसे शेयरों मे निवेश के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद जब शेयरों के दाम चढ़ जाते हैं, तब प्रवर्तक ऊंची कीमतों पर अपना ज्यादातर हिस्सा बेचकर निकल जाते हैं। सेबी ने चार महीने में ऐसी पांच कंपनियों पर बाजार में प्रतिबंध लगाया है। इन सभी की कार्यप्रणाली एक जैसी थी, जिससे निवेशकों को घाटा हुआ।