मजबूत डिमांड के माहौल में बढ़ते पलायन यानी नौकरी छोड़ने के मामलों में बढ़ोतरी से जूझ रही भारत की टॉप आईटी कंपनियों ने अपनी कैंपस हायरिंग बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। इन टॉप कंपनियों में टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिन्द्रा और कॉग्निजेंट कंपनियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जॉब मार्केट में आगामी वित्त वर्ष के दौरान भी फ्रेशर्स हायरिंग के मामले में यह तेजी जारी रह सकती है।
2.15 लाख फ्रेशर्स की भर्तियां की गईं
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि शीर्ष छह आईटी फर्मों ने वित्त वर्ष 2022 में 2.15 लाख स्नातकों को फेशर्स के तौर पर कंपनी में नियुक्त किया है, पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आंकड़ा महज 99,000 से थोड़ा अधिक था। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले साल के लिए कॉग्निजेंट, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा मिलकर 1.4 लाख फ्रेशर्स को हायर करने की तैयारी कर रही हैं। इसमें कहा गया है कि फेशर्स की नियुक्ति में हुई इस बढ़ोतरी की वजह दरअसल, कंपनियों में पलायन बढ़ना है। कॉग्निजैंट में पलायन दर सबसे ज्यादा 31 फीसदी रही, इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो में क्रमशः 25.5 फीसदी, 24 फीसदी और 22.7 फीसदी की पलायन दर रही।
आईटी कंपनियों की आगे की योजना
रिपोर्ट के अनुसार, कॉग्निजैंट की कैंपस से रिकॉर्ड 50,000 लोगों की भर्ती की योजना है। एचसीएल टेक में 40,000 से 45,000 के करीब नियुक्तियां की जाएंगी। वहीं विप्रो की योजना करीब 30,000 भर्तियां करने की है। टेक महिंद्रा के मुताबिक, वह अगले वित्त वर्ष 15,000 फ्रेशर्स की भर्ती की उम्मीद कर रही है। हालांकि, टीसीएस ओर इंफोसिस ने वित्त वर्ष 23 के लिए हायरिंग के आंकड़ों का अभी तक खुलासा नहीं किया है।