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Budget 2025: वित्त मंत्री वित्तीय-पूंजी बाजार के हितधारकों से मिलीं, बजट पूर्व सातवीं परामर्श बैठक का आयोजन

Thu, 02 Jan 2025 06:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budget 2025: वित्त मंत्रालय हर साल बजट से पहले विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, अर्थशास्त्रियों और राज्य के अधिकारियों के साथ कई परामर्श बैठकें आयोजित करता है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक कवायद शुरू हो चुकी है। इस बीच वित्त मंत्री ने वित्तीय और पूंजी बाजार के हितधारकों से मुलाकात की है। आइए इस बारे में और जानें।
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निर्मला सीतारमण (मध्य में)। - फोटो : x.com/@FinMinIndia
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बजट पूर्व परामर्श बैठक की शृंखला के तहत वित्तीय क्षेत्र और पूंजी बाजार के हितधारकों से मुलाकात की। बैठक में वित्त सचिव, दीपम सचिव और आर्थिक मामलों के विभाग व वित्तीय सेवा विभाग के सचिव भी मौजूद रहे। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी इस बैठक में शामिल हुए। यह बजट पूर्व परामर्श बैठक की शृंखला में सातवीं बैठक थी।

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वित्त मंत्रालय हर साल बजट से पहले विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, अर्थशास्त्रियों और राज्य के अधिकारियों के साथ कई परामर्श बैठकें आयोजित करता है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की औपचारिक कवायद शुरू हो चुकी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब तक एमएसएमई, किसान संघों और अर्थशास्त्रियों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ कई बैठकें कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले सप्ताह नीति आयोग परिसर में केंद्रीय बजट 2025-26 की तैयारी के लिए प्रख्यात अर्थशास्त्रियों और विचारकों के एक समूह के साथ बातचीत की थी। परंपरा के अनुसार, 2025-26 का बजट 1 फरवरी, 2025 को पेश किया जाएगा।
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2025-26 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आठवां बजट होगा। सभी की निगाहें प्रमुख घोषणाओं और मोदी 3.0 के शेष कार्यकाल के लिए सरकार के दूरदर्शी आर्थिक मार्गदर्शन पर होंगी। यह बजट कमजोर जीडीपी आंकड़ों और अर्थव्यवस्था में कमजोर खपत की पृष्ठभूमि पेश किया जाना है।

चालू वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 5.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी। तिमाही वृद्धि आरबीआई के 7 प्रतिशत के पूर्वानुमान से काफी कम रही। अप्रैल-जून तिमाही में भी भारत की जीडीपी अपने केंद्रीय बैंक के अनुमान से धीमी गति से बढ़ी थी।

रिजर्व बैंक ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति में 2024-25 के लिए भारत के विकास पूर्वानुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इस साल की शुरुआत में संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में 2024-25 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर को रूढ़वादी रूप से 6.5-7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था। उस दौरान यह भी कहा गया था कि बाजार की उम्मीदें अधिक हैं। वास्तविक जीडीपी वृद्धि मुद्रास्फीति से समायोजित आर्थिक वृद्धि है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के उच्च आवृत्ति संकेतक बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर में देखी गई मंदी से उबर रही है। इसका कारण मजबूत त्योहारी गतिविधि और ग्रामीण मांग में निरंतर वृद्धि  है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में अपने मासिक बुलेटिन में बताया कि 2023-24 के दौरान भारत की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दिखी यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रही। 2022-23 में अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत और 2021-22 में 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।

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