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Vantara SIT Probe: जांच एजेंसियों ने वंतारा को भेजी 200 सवालों की सूची, एसआईटी ने तीन दिनों तक किया दौरा

Tue, 09 Sep 2025 06:44 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vantara SIT Probe: पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्ती चेलमेश्वर की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तीन दिन तक वंतारा का दौरा किया। इस दौरान कई अन्य जांच एजेंसियां भी टीम के साथ रहीं। जांच में सहयोग के लिए विभिन्न राज्यों के वन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल किए गए। सूत्रों अनुसार निरीक्षण के बाद जांच एजेंसियों के संघ ने वंतारा को करीब 200 सवालों की सूची भेजी है।
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वंतारा की एसआईटी जांच - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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रिलायंस फाउंडेशन की ओर से संचालित वैश्विक वन्यजीव बचाव और पुनर्वास संगठन वंतारा को सुप्रीट कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी समेत जांच करने वाली एजेंसियों के एक संघ ने लगभग 200 सवालों वाली प्रश्नावली भेजी है। एक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है। 

एसआईटी ने तीन दिन वंतारा का दौरा किया

सूत्रों के अनुसार, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्ती चेलमेश्वर की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तीन दिन तक वंतारा का दौरा किया। इस दौरान कई अन्य जांच एजेंसियां भी टीम के साथ रहीं। जांच में सहयोग के लिए विभिन्न राज्यों के वन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल किए गए। इस यात्रा के दौरान वंतारा की नेतृत्व टीम के वरिष्ठ सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई। यह भी पता चला है कि एसआईटी ने वंतारा से अपने सभी अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को पूछताछ के लिए बुलाने को कहा है। वंतारा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया

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25 अगस्त 2025 को, सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात के जामनगर में वंतारा जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में जानवरों के अवैध अधिग्रहण और उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोपों की तथ्य-खोजी जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया।

12 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने एसआईटी को अपनी जांच पूरी कर 12 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चार सदस्यीय एसआईटी वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अनुपालन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार विनियमनों, पशु कल्याण मानकों और पर्यावरण संबंधी चिंताओं जैसे मुद्दों की भी जांच करेगी और रिपोर्ट देगी।

वंतारा पर लगाए गए गंभीर आरोप

शीर्ष अदालत ने यह आदेश सीआर जया सुकिन नामक एक महिला द्वारा दायर याचिका पर पारित किया। इसमें आरोप लगाया गया था कि वंतारा वन्यजीव केंद्र में जानवरों को अवैध रूप से लाया और रखा जा रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वन्यजीव बचाव और पुनर्वास सुविधा प्रदान करने के नाम पर हाथियों, पक्षियों और अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों सहित जानवरों की तस्करी वंतारा में की जा रही है।

वंतारा ने जांच में सहयोग देने का दिया आश्वासन

एसआईटी की जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए वंतारा ने कहा कि संगठन कानून का पालन करेगा। वंतारा के एक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अत्यंत सम्मान के साथ स्वागत करते हैं। वंतारा पारदर्शिता, सहानुभूति और कानून के पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में आगे कहा गया कि हमारा मिशन और ध्यान जानवरों के बचाव, पुनर्वास और देखभाल पर केंद्रित है। हम विशेष जांच दल को पूरा सहयोग देंगे और जानवरों के कल्याण को हमेशा अपने सभी प्रयासों के केंद्र में रखते हुए ईमानदारी से अपना काम जारी रखेंगे।

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