भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने योगदान से अमिट छाप छोड़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही। पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआई के गवर्नर भी रहे।
उनके निधन पर गौतम अदाणी, अनिल अंबानी, एन. चंद्रशेखरन, कुमार मंगलम बिड़ला और आनंद महिंद्रा सहित भारतीय उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों ने डॉ. सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को कहा कि सिंह उन दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने एक नये उदारवादी भारत की कल्पना की थी जो आज दुनिया में अपना उचित स्थान ले रहा है।
अपने शोक संदेश में टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन ने कहा कि दिवंगत सिंह के प्रेरक नेतृत्व ने उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया। उन्होंने बयान में कहा, ‘‘ हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, जो उन दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने एक नए, उदार भारत की कल्पना की थी जो दुनिया में अपना उचित स्थान ले रहा है।’’ चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘ डॉ. सिंह को हमेशा उनकी दूरदर्शी सोच तथा गहरी अंतर्दृष्टि के लिए याद किया जाएगा। वे हमेशा विनम्र रहे और अपने व्यक्तिगत मूल्यों को बनाए रखा।’’
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से भारत ने अपने सबसे बड़े नेताओं और बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक को खो दिया है।
बिड़ला ने बयान में कहा, ‘‘ भारत ने अपने सबसे बड़े नेताओं तथा बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक को खो दिया है। 1991 के दशक के उनके क्रांतिकारी सुधारों ने कई दशकों तक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने भारत तथा भारतीयों के लिए संभावनाओं के गणित को नया आकार दिया।’’
वहीं विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उनकी तेज बुद्धि, सहज विनम्रता तथा व्यक्तिगत ईमानदारी के लिए सराहा जाता है ... यह ऐसे गुण हैं जो राजनीति में विरले ही देखने को मिलते हैं। उन्हें न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर भी सबसे महान राजनेताओं में से एक के रूप में याद किया जाएगा।