वायदा बाजार में चांदी की चमक लगातार दूसरे सत्र में फीकी पड़ती नजर आई है। मंगलवार को घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के भाव में करीब 1 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) द्वारा अपनी सख्त मौद्रिक नीति को जारी रखते हुए नीतिगत ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं से सर्राफा बाजार पर दबाव बढ़ गया है।
एमसीएक्स पर उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी वायदा में बिकवाली का माहौल रहा।
चांदी की कीमतों में आई इस लगातार गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितता है। ऑग्मोंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिशा चैनानी के अनुसार, "एमसीएक्स चांदी वायदा को नए मोमेंटम के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखे जाने की बढ़ती संभावनाओं ने बाजार धारणा को प्रभावित किया है"।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी की थी और आने वाले महीनों में दरों में और वृद्धि के संकेत दिए थे। चूंकि ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज वाली कमोडिटीज (जैसे सोना और चांदी) में होल्डिंग कॉस्ट बढ़ जाती है, इसलिए वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
चालू सप्ताह के दौरान अमेरिका से कोई बड़ा प्रमुख आर्थिक आंकड़ा जारी नहीं होना है, इसलिए बाजार सहभागियों की निगाहें पूरी तरह से फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के आगामी वक्तव्यों पर टिकी हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख और वैश्विक बाजारों में बिकवाली से घरेलू वायदा बाजार में चांदी बैकफुट पर आ गई है। जब तक अक्तूबर की नीतिगत बैठक और अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर स्पष्टता नहीं मिल जाती, तब तक कमोडिटी बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने का अनुमान है।