सार
नीति आयोग के पूर्व सीईओ ने कहा, 2047 तक भारत के पूर्ण विकसित देश बनने का सपना वास्तव में यह दर्शाता है कि मध्य वर्ग को इसकी विकास गाथा का मुख्य चालक बनने की जरूरत है। मध्य वर्ग का उदय उस आर्थिक बदलाव का संकेत है, जो देश में दशकों से आया है।
भारत विनिर्माण और शहरीकरण पर ध्यान देकर 8-9 फीसदी की ऊंची विकास दर हासिल कर सकता है। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने बुधवार को कहा, जनगणना मानदंडों के हिसाब से करीब 5,500 छोटे शहरों के नियोजन की जरूरत है। इसका समाधान पर्यावरणानुकूल शहरीकरण है। इसमें देश में वृद्धि को गति देने के काफी अवसर हैं। कांत ने कहा कि अगर भारत को दीर्घकाल में निरंतर वृद्धि हासिल करनी है तो हर मोर्चे पर आगे बढ़ना होगा। ऐसा नहीं हो सकता कि आप सिर्फ सेवा क्षेत्र पर निर्भर रहें, जैसा कुछ अर्थशास्त्री कह रहे हैं। नौकरियां बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में काम करना होगा।
मध्य वर्ग बने विकास गाथा का चालक
नीति आयोग के पूर्व सीईओ ने कहा, 2047 तक भारत के पूर्ण विकसित देश बनने का सपना वास्तव में यह दर्शाता है कि मध्य वर्ग को इसकी विकास गाथा का मुख्य चालक बनने की जरूरत है। मध्य वर्ग का उदय उस आर्थिक बदलाव का संकेत है, जो देश में दशकों से आया है। यह वर्ग आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने की ताकत रखता है।
विकास दर हासिल होगी : अमिताभ
जी-20 के शेरपा अमिताभ कांत का मानना है कि विनिर्माण और शहरीकरण पर ध्यान देने से 8-9% की उच्च विकास दर हासिल की जा सकती है। टिकाऊ शहरीकरण ही आगे का रास्ता है। कांत बुधवार को पीपल रिसर्च ऑन इंडिया कंज्यूमर इकोनॉमी (प्राइज) की ओर से द राइज ऑफ इंडिया मिडिल क्लास के विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। भारत के मध्यम वर्ग का उदय शीर्षक से रिपोर्ट जारी करने के मौके पर कांत ने कहा कि उभरता हुआ मध्यम वर्ग भारत में निरंतर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक विकास को चलाने की अपार शक्ति रखता है। प्राइज के एमडी और सीईओ राजेश शुक्ला ने कहा कि एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि वर्ष 2031 तक 100 मिलियन से अधिक भारतीय परिवार मध्यवर्गीय और अमीर आय समूहों में जुड़ जाएंगे। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि भारत को अमेरिका और यूरोपीय देशों जैसे विकसित देशों में कामकाजी उम्र की घटती आबादी का लाभ उठाने के लिए शिक्षा प्रणाली में और सुधार करने की जरूरत है।