चीन, कनाडा और मैक्सिको पर अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भारतीय बाजार में सोमवार को भूचाल देखा गया। घरेलू शेयर बाजार में फरवरी महीने और कारोबारी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 731.91 अंक गिरकर 76,774.05 अंक पर आ गया। ऐसे ही निफ्टी 243 अंक गिरकर 23,239.15 अंक पर पहुंच गया। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 54 पैसे टूटकर 87.16 डॉलर के सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शनिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,327.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
अमेरिका के फैसलों की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में कमजोरी
अमेरिका के फैसलों की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में कमजोरी के चलते सोमवार को शुरुआती कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 731.91 अंक गिरकर 76,774.05 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 243 अंक गिरकर 23,239.15 अंक पर आ गया। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शनिवार को 1,327.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बजट पेश होने के कारण शनिवार को घरेलू बाजार खुले थे
इससे पहले केंद्रीय बजट पेश होने के कारण शनिवार को घरेलू बाजार खुले थे। भारी उतार-चढ़ाव वाले दिन के बाजार में बीएसई बेंचमार्क शनिवार को 5.39 अंक या 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 पर बंद हुआ था। निफ्टी 26.25 अंक या 0.11 फीसदी गिरकर 23,482.15 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर
बाजार में गिरावट की वजह क्या?
एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा, मेक्सिको और चीन पर शुल्क लगाने संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद व्यापक व्यापार युद्ध की आशंकाओं के बीच स्थानीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
किसे फायदा, किसे नुकसान?
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से लार्सन एंड टूब्रो, एनटीपीसी, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर सबसे अधिक गिरावट में रहे। टाइटन, मारुति, नेस्ले और बजाज फिनसर्व के शेयर मुनाफे में रहे।
एशियाई और अमेरिकी बाजार की हाल
एशियाई बाजारों में जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग भारी गिरावट में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.70 प्रतिशत चढ़कर 76.20 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।
ट्रंप के टैरिफ से बिगड़ा एशियाई बाजारों का मूड
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से प्रमुख अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाए जाने की चिंता बढ़ने के कारण सोमवार के कारोबार में एशिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 2.4% गिरकर 38,612.96 पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.8% गिरकर 8,376.30 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.9% गिरकर 2,443.57 पर आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग 1.4% गिरकर 19,942.54 पर आ गया, जबकि शंघाई कम्पोजिट भी कम रहा, लेकिन थोड़ा बदलाव के साथ 3,250.60 पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि एशियाई बाजार संभावित व्यापार युद्ध के बढ़ने से उत्पन्न अस्थिरता के लिए तैयार हैं।
आईजी के बाजार रणनीतिकार येप जून रोंग ने कहा, "व्यापार प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप वैश्विक व्यापार प्रवाह में कमी आ सकती है, आपूर्ति शृंखला में बदलाव हो सकता है, जिसका अर्थ व्यवसायों के लिए उच्च लागत और उच्च मुद्रास्फीति हो सकता है।" पिछले हफ्ते वॉल स्ट्रीट में गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 में 0.5% की गिरावट आई। नैस्डैक कंपोजिट में 0.3% की गिरावट दर्ज की गई। सूचकांकों में तीन हफ्तों में पहली बार साप्ताहिक गिरावट दिखी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। न्यूयॉर्क में बिकवाली काफी व्यापक रही जहां एसएंडपी में लगभग 75% शेयर कम कीमत पर बंद हुए। गिरावट में सबसे ज्यादा हिस्सा टेक्नोलॉजी और ऊर्जा कंपनियों का रहा।
निवेशक एक चीनी स्टार्टअप डीपसीक की खबरों से असमंजस में हैं, डीपसीक ने एक सस्ता और बड़ा भाषा मॉडल विकसित करने के बारे में बताया गया है। इन खबरों से सवाल उठे हैं कि क्या एआई चिप्स के लिए अपेक्षित सभी निवेश वास्तव में जरूरी हैं। डीपसीक पर चर्चा के बीच आईटी शेयरों में गिरावट दिखी है।
कनाडा, मैक्सिको और चीन पर मंगलवार से लगेगा अमेरिकी टैरिफ
ट्रम्प की ओर से कनाडा और मैक्सिको से आयातित अधिकांश वस्तुओं पर लगाया गया 25% टैरिफ और चीन से आयातित वस्तुओं पर 10% टैरिफ मंगलवार से लागू होने जा रहा है। उनके प्रशासन ने यह नहीं बताया है कि टैरिफ हटाने के लिए अवैध आव्रजन और फेंटेनाइल को बढ़ने से रोकने में क्या विशेष सुधार किए जाने की जरूरत है। कनाडा और मेक्सिको ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। कनाडा का यह आदेश मंगलवार से कई उत्पादों पर लागू होगा, हालांकि कनाडा ने तत्काल इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। टैरिफ से जुड़ी चिंताओं ने 10-वर्षीय ट्रेजरी सहित दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड को बढ़ाने में मदद की है। यह गुरुवार देर रात के 4.52% से शुक्रवार को 4.54% तक बढ़ गया। सितंबर से आम तौर पर यील्ड में बढ़ोतरी हो रही है क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अर्थशास्त्रियों की अपेक्षा से कहीं अधिक ठोस बनी हुई है।
पिछले सप्ताह भी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित छोड़ दिया था, और ट्रम्प के शासन काल में नीतियों का मुद्रास्फीति और व्यापक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में अधिक सतर्क रुख अपनाया था। ऊर्जा व्यापार में बेंचमार्क अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 1.10 डॉलर बढ़कर 73.63 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 40 सेंट बढ़कर 76.07 डॉलर प्रति बैरल हो गई। मुद्रा बाजार में, अमेरिकी डॉलर 155.18 येन से बढ़कर 155.55 जापानी येन पर पहुंच गया। यूरो की कीमत 1.0363 डॉलर से घटकर 1.0226 डॉलर हो गई।