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The Bonus Market Update: खुलते ही 300 अंक नीचे गिरा सेंसेक्स, निफ्टी 25,100 से नीचे आया; रुपये में भी गिरावट

Wed, 24 Sep 2025 10:02 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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शेयर बाजार। - फोटो : adobe stock
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शेयर बाजार के लिए बीते कुछ दिनों से स्थिति गंभीर चल रही है। सोमवार-मंगलवार को गिरावट के साथ बंद होने के बाद बुधवार को सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ खुला। सुबह 10 बजे तक इसकी गिरावट 300 अंकों का आंकड़ा छू गई और सेंसेक्स 81,800 के करीब आ गया। दूसरी तरफ निफ्टी में भी गिरावट दर्ज हुई और यह करीब 80 अंकों की गिरावट के साथ 25,089.25 पर आ गया। 
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रुपया भी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे गिर गया। इसके साथ ही अब एक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 88.80 तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.28% बढ़कर 67.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

गौरतलब है कि बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में आज बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, आईटी और रियलटी सेक्टरों में गिरावट रही। सबसे ज्यादा प्रभावित आईटी से जुड़े शेयर्स ही रहे हैं, जिन्होंने तकरीबन एक फीसदी का गोता लगाया है।

सेंसेक्स में टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, एक्सिस बैंक, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे अधिक दबाव में रहे। वहीं, ट्रेंट, एनटीपीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एशियन पेंट्स जैसे शेयर बढ़त के साथ उभरे।

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शेयर बाजार की स्थिति पर क्या बोले विशेषज्ञ?
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट विक विजयकुमार ने कहा, "वैश्विक बाजार में अब सबसे बड़ी चिंता उच्च संपत्ति मूल्य हैं। चाहे स्टॉक्स हों, सोना‑चांदी हों या बिटकॉइन, कीमतें ऊंची हैं। यह चिंता फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कल रोड आइलैंड में अपने भाषण में जताई। उन्होंने महंगाई और रोजगार के जोखिमों पर भी जोर दिया, जिससे संकेत मिलता है कि फेड की नीति अब चुनौतीपूर्ण होगी।"

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 नीचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई एसएसई कॉम्पोजिट और हॉन्ग कॉन्ग का हांगसेंग बढ़त पर थे। वहीं, अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट पर बंद हुए।

मेहता इक्विटीज में सीनियर वीपी (रिसर्च) प्रशांत तपसे ने कहा, "दलाल स्ट्रीट पर निवेशक ट्रंप के 50% टैरिफ बढ़ोतरी और एच-1बी वीजा पर 1,00,000 डॉलर शुल्क से दबाव में हैं, जो भारतीय पेशेवरों पर असमान प्रभाव डालता है।"

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