बीते चार कारोबारी दिनों में घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों को करीब 20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले तीन महीनों की बढ़त बाजार ने पिछले चार दिनों में ही गंवा दी है। शुक्रवार के कारोबारी सेशन में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंशियल सर्विसेज और विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दिखी। कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले के अनुसार कमजोर वैश्विक संकेतों और मंदी के बाहरी कारकों ने दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों को मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे धकेल दिया। चीन और जापान में कोविड मामलों में तेजी के अलावा, उम्मीद से बेहतर यूएस क्यू3 जीडीपी नंबरों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया कि फेड मुद्रास्फीति को कम करने के लिए और अधिक दरों में बढ़ोतरी करेगा, जिसने बाजारों में बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया। तकनीकी रूप से, लंबे समय के बाद सूचकांक 50 दिन के एसएमए (सिंपल मूविंग एवरेज) से नीचे बंद हुआ और साप्ताहिक चार्ट पर एक लंबी मंदी का कैंडल बना जो मोटे तौर पर नकारात्मक है। व्यापारियों के लिए, जब तक सूचकांक 18000 से नीचे कारोबार कर रहा है, तब तक इसमें गिरावट की आशंका बनी रहेगी यह 17600-17500 तक फिसल सकता है। दूसरी तरफ, 18000 का लेवल मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र के रूप में कार्य कर सकता है। अगर निफ्टी इंडेक्स 18000 का लेवल पार करता है तो यह 50 दिन के एसएमए या 18150-18200 तक पहुंच सकता है।