उत्तर भारत के सीआईआई के हेड और फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विनोद दुआ ने देश के उद्योगजगत की हालत पर गहरी चिंता जताई है। दुआ का कहना है कि तीन मई तक के लॉकडाउन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग के सामने अपना अस्तित्व बचाने का खतरा हो गया है।
दुआ का कहना है कि हर दिन उनके पास तमाम छोटे-छोटे फैक्टरी मालिकों के फोन आते हैं। ये कंपनियों के लिए छोटे-छोटे सामान, उपकरण का कल-पुर्जा बनाकर उन्हें सप्लाई करते हैं। तमाम ऐसे लोग पीड़ित हैं, जो पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय में लगे हैं। इनका काम धंधा तो इस समय पूरी तरह से ठप है।
अगले छह महीनों में भी इसमें तेजी आने के कोई आसार नहीं है। पर्यटन मंत्रालय के एक निदेशक का कहना है कि मुझे यह मान लेने में कोई तकलीफ नहीं है, और यह सच्चाई है। हिमाचल में टूरिज्म, होटल व्यवसाय से जुड़े सचिन गुप्ता का कहना है कि उनकी लगातार टेंशन बढ़ रही है।
दिनेश दुआ के मुताबिक सबसे बड़ा खराब असर एविएशन इंडस्ट्री पर पड़ेगा। रेलवे ठप है। देश का परिवहन उद्योग भी ठप है। इसके कारण इसका बड़ा असर होटल, रेल, पर्यटन क्षेत्र के लोगों पर भयानक तरीके से पड़ेगा। पर्यटन क्षेत्र का तो मूल आधार ही खत्म हो गया है।
स्टील, कोल, माइनिंग में बड़े पैमाने पर लोग लगे हैं। इस क्षेत्र का इसके बावजूद प्रतिदिन का खर्च काफी भारी भरकम होता है। जो लोग आटोमोबाइल समेत अन्य क्षेत्र में सामान की सप्लाई करते हैं, छोटी पूंजी के लोग हैं, उनकी स्थिति काफी खराब है।
दिहाड़ी और छोटे कर्मचारी, मशीन चलाने वाले, मिस्त्री आदि सब महानगर छोड़कर चले गए हैं। उनके लिए सीधे अब काम शुरू करना भी बड़ा मुश्किल सा हो रहा है। आप इसे इस तरह से सोचिए।
शिपिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी Maersk है। इसने जीएनपीटी आना छोड़ दिया है। बंदरगाहों पर काम ठप है। मुझे तो लग रहा है कि यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो देश के सामने काफी बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
अमेरिका ने 2 ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन राहत पैकेज की घोषणा की है। ब्रिटेन ने 300 बिलियन डॉलर, कनाडा और आस्ट्रेलिया ने 87-87 डॉलर के पैकेज की घोषणा की है। हमारे देश में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर निगेटिव है। एमएसएमई अच्छा काम कर रही हैं।
ऐसे में यदि ये डूब जाएंगी तो रोजगार से लेकर हर क्षेत्र में काफी खराब स्थिति पैदा हो जाएगी। दिनेश दुआ, अनिल भारद्वाज समेत सभी की निगाह 15 अप्रैल को केंद्र सरकार की आने वाली नई गाइडलाइन पर है। दुआ का कहना है कि लोगों को धीरे-धीरे शर्त के साथ ही सही कामकाज शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके अलावा राहत पैकेज की भी घोषणा करनी होगी।