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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में हरियाली; सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, निफ्टी 23600 के पार

Mon, 01 Jun 2026 09:36 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

The Bonus Market Update: अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के युद्धविराम की खबरों के बाद वैश्विक बाजार में सकारात्मक बदलाव आया है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुचारू रूप से आवागमन की उम्मीदें बढ़ी हैं। शेयर बाजार में क्या चल रहा है, आइए जानिए। 
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शेयर बाजार में क्लोजिंग - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 206.16 अंक चढ़कर 74,981.90 पर पहुंच गया; निफ्टी 42.65 अंक बढ़कर 23,604.80 पर पहुंच गया।

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अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के युद्धविराम की खबरों के बाद वैश्विक बाजार में सकारात्मक बदलाव आया है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुचारू रूप से आवागमन की उम्मीदें बढ़ी हैं।

सकारात्मक माहौल के बावजूद, घरेलू और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक सतर्क रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 9 पैसे गिरकर 94.94 पर आ गया।

अब जानते हैं बाजार का हाल विस्तार से

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में हुई भारी गिरावट के बाद, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया VIX' भी 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 15.64 पर आ गया है, जो बाजार में घबराहट कम होने और स्थिरता लौटने का साफ संकेत देता है। 

बाजार के मुख्य आंकड़े

सोमवार के कारोबारी सत्र में दलाल स्ट्रीट का रुख सकारात्मक रहा। बाजार की चाल को इन अहम बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • टॉप गेनर्स और लूजर्स: चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद एविएशन कंपनी इंडिगो के शेयरों में 4.5% से ज्यादा का भारी उछाल आया। इसके अलावा इंफोसिस, एशियन पेंट्स, टीसीएस, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी 1 से 3% की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में लगभग 1% की गिरावट देखी गई।
  • सेक्टोरल असर: निफ्टी आईटी इंडेक्स ने 2% से ज्यादा की छलांग लगाकर बाजार को लीड किया। वहीं दूसरी ओर, एफएमसीजी (FMCG) और प्राइवेट बैंक इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
  • ब्रॉडर मार्केट की स्थिति: मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.5% से अधिक और स्मॉलकैप 100 में 0.8% की बढ़त देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 1,823 शेयरों में तेजी आई, 841 में गिरावट रही और 125 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

विदेशी बिकवाली और एक्सपर्ट्स का नजरिया

बाजार में इस रिकवरी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की तरफ से बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से 21,105.86 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जो मई महीने में किसी एक दिन की सबसे बड़ी निकासी है। 

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, लार्जकैप शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली और मिड-स्मॉलकैप के बेहतर नतीजों के कारण दोनों के वैल्यूएशन में एक बड़ा गैप बन गया है। उनका कहना है कि लार्जकैप शेयर अब सही वैल्युएशन पर हैं और बैंकिंग जैसे सेगमेंट काफी आकर्षक नजर आ रहे हैं, हालांकि यह निवेशकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा लेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार को बाजार में जो 1.5% की बड़ी गिरावट आई थी, उसका मुख्य कारण 'एमएससीआई रीबैलेंसिंग' था, इसे कोई लॉन्ग-टर्म ट्रेंड नहीं माना जाना चाहिए।

कच्चा तेल और रुपये में सुधार

वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 94.97 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 95 के लगभग बराबर ही रहा। लंबे समय तक डॉलर के सामने 97 के निचले स्तर के करीब रहने के बाद भारतीय मुद्रा ने मजबूत रिकवरी की है। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारत के आयात बिल की चिंताओं को कम किया है, जिससे रुपये को सहारा मिला है। 

अब आगे क्या?

फिलहाल अमेरिका-ईरान समझौते पर अनिश्चितता बनी हुई है और ब्रेंट क्रूड ऑयल 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हफ्ते की शुरुआत में बाजार को दिशा देने के लिए कोई बड़े ट्रिगर नहीं हैं। निवेशकों की नज़र अब मई महीने के ऑटो सेल्स के आंकड़ों पर रहेगी, जो इस सेक्टर के शेयरों की दिशा तय करेंगे। इसके अलावा 5 जून को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति बैठक और महंगाई व ग्रोथ पर आरबीआई की टिप्पणी बाजार का अगला रुख तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

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