रुपये में कमजोरी, वैश्विक स्तर पर सुस्ती और सितंबर डेरिवेटिव की एक्सपायरी नजदीक आने से निवेशकों ने जमकर बिकवाली की जिससे सेंसेक्स तीन माह से भी अधिक के निचले स्तर पर आ गया। सेंसेक्स में करीब 440 अंकों की गिरावट आई और यह 31,159.81 अंक के स्तर आ गया।
Sensex down by 439.95 points to close at 31,159.81; Nifty down by 135.75 points to close at 9,735.75
— ANI (@ANI) September 27, 2017
इस तरह से शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन गिरावट दर्ज की गई है। 22 दिसंबर के बाद से यह सबसे अधिक लंबी अवधि की गिरावट है।
निफ्टी भी 9,800 के स्टर से नीचे उतर आया। निफ्टी कारोबार के बीच 9,900 तक जाने के बाद अंतत: 135.75 अंक गिरकर 9,735.75 पर बंद हुआ।
यह 11 अगस्त के बाद का सबसे नीचे के स्तर पर है। आरआईएल, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एसबीआई और एलएंडटी के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए।
सितंबर की एक्पायरी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है जिसके कारण कारोबार प्रतीक्षा की नीति अपना रहे हैं। इस साल के आखिर में अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दर के बढ़ाए जाने के आकलन से भी बाजार में बिकवाली का माहौल बना।
उत्तरी कोरिया के मामले पर भी बाजार में दबाव बना रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया के छह माह के निचले स्तर पर रहने का भा असर बाजार के मनोभाव पर पड़ा।
कारोबार के दौरान रुपये की कीमत 65.75 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर चल रहा था।