वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 200 से अधिक अंक फिसला। निफ्टी में 55 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले अमेरिका में दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण ग्लोबल मार्केट में बिकवाली दिखी। हालांकि, 21 अगस्त को जियो फाइनेंशियल की लिस्टिंग की घोषणा के बाद फ्रंटलाइन सूचकांकों में कुछ हद तक रिकवरी दिखी।
उतार-चढ़ाव के साथ हुआ कारोबार
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 202.36 अंक यानी 0.31 फीसदी की गिरावट के साथ 64,948.66 अंक पर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबारी सेशन के दौरान सेंसेक्स ऊपर की ओर 65,175.32 अंक तक तक पहुचा वहीं नीचे की ओर 64,754.72 तक आया। दूसरी तरफ निफ्टी में 55.10 अंक (0.28%) की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में 19,310.15 अंक पर क्लोजिंग हुई। निफ्टी में 19,373.80 का हाई और 19,253.60 का लो लगा।
रुपया डाॅलर के मुकाबले 83.10 के लेवल पर बंद हुआ, वित्त मंत्रालय ने कही ये बात
शुक्रवार को यह 83.10 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले रुपया गुरुवार को कारोबार के दौरान 83.16 रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर को छू गया था। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपये का 83 रुपये प्रति डॉलर से नीचे जाना असामान्य नहीं है और मुद्रा दर में उतार-चढ़ाव केवल भारतीय मुद्रा तक ही सीमित नहीं है। रुपये में गिरावट से आयात महंगा हो गया है, जिस पर भारत अपने तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उर्वरक को पूरा करने के लिए निर्भर है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ गई है।