भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी दर्ज की गई। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी और मजबूत वैश्विक रुझानों के दम पर बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। यह तेजी गुरुवार की तेज उछाल के बाद आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 फीसदी चढ़कर 74,729.27 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 463.17 अंक या 0.62 फीसदी उछलकर 74,778.78 के स्तर तक गया था। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 फीसदी बढ़कर 23,146.15 पर समाप्त हुआ।
बाजार में तेजी के क्या रहे कारण?
आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी ने भारतीय इक्विटी बाजार की रिकवरी को बढ़ाया। मजबूत तिमाही नतीजों और प्रबंधन की आशावादी टिप्पणियों ने सेक्टर के आय परिदृश्य में विश्वास मजबूत किया। टेक महिंद्रा का समेकित शुद्ध लाभ जुलाई-सितंबर तिमाही में 32.74 फीसदी बढ़कर 1,585.6 करोड़ रुपये हो गया। वॉल्यूम वृद्धि, लागत बचत और रुपये के कमजोर होने से परिचालन लाभ में वृद्धि हुई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एचसीएलटेक भी प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल रहे। कच्चे तेल की नरम कीमतें और रुपये का मजबूत होना भी बाजार की धारणा के लिए सहायक रहा।
सेबी ने क्या बदले नियम?
बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) के ढांचे को संशोधित किया। इसमें ट्रेडिंग समय और स्टॉक व इंडेक्स डेरिवेटिव अनुबंधों की निपटान कीमतों के निर्धारण की कार्यप्रणाली में बदलाव किए गए हैं। संशोधित ढांचे के तहत, 10 मिनट का क्लोजिंग ऑक्शन सेशन सभी कारोबारी दिनों पर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक संचालित होगा। इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव में ट्रेडिंग 3:45 बजे तक जारी रहेगी, जिसमें समाप्त हो रहे इंडेक्स डेरिवेटिव अनुबंधों के लिए कुछ अपवाद होंगे। समाप्त हो रहे डेरिवेटिव अनुबंधों का निपटान अब निरंतर ट्रेडिंग के अंतिम 30 मिनट के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) कार्यप्रणाली पर आधारित होगा।
वैश्विक बाजारों का क्या रहा हाल?
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का 225 इंडेक्स, शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स और हैंग सेंग इंडेक्स वापसी करते हुए सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार ज्यादातर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 5,285.37 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.30 फीसदी गिरकर 105.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।