दो दिन की लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक फीसदी से अधिक उछलकर बंद हुए। आईटी शेयरों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार को सहारा दिया। सेंसेक्स 879 अंक और निफ्टी 288 अंक से ज्यादा मजबूत हुआ।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 879.09 अंक या 1.23 फीसदी बढ़कर 72,472.33 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 1,075.96 अंक या 1.50 फीसदी उछलकर 72,669.20 के उच्च स्तर तक पहुंचा था। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 288.65 अंक या 1.30 फीसदी की वृद्धि के साथ 22,520.45 पर समाप्त हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से आईटीसी के शेयरों में 4.78 फीसदी की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर 4.23 फीसदी चढ़े। टीसीएस ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी ने अपने लाभ में 15 फीसदी की वृद्धि की सूचना दी। अडाणी पोर्ट्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और एचडीएफसी बैंक भी प्रमुख लाभ पाने वालों में शामिल रहे। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार में यह उछाल क्यों आया?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि घरेलू इक्विटी बाजार में राहत भरी तेजी दिखी। यह तेजी हाल की तेज गिरावट के बाद मूल्य खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग से समर्थित थी। आईटी शेयरों ने दूसरी तिमाही के आय सीजन की मजबूत शुरुआत के कारण बेहतर प्रदर्शन किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित राजस्व अवसरों में बढ़ते विश्वास ने भी इन शेयरों को बढ़ावा दिया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बाजार के लिए सकारात्मक रही। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.32 फीसदी गिरकर 102.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
भू-राजनीतिक चिंताओं का क्या असर रहा?
नायर ने यह भी कहा कि भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी से बाजार की धारणा को मदद मिली। ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना मध्यावधि चुनावों से पहले कम लग रही है। इस संकेत से कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ समाप्त हुए। दक्षिण कोरिया के इक्विटी बाजार शुक्रवार को बंद रहे।
विदेशी निवेशकों का क्या रुख रहा?
यूरोप के बाजार भी शुक्रवार को बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी बाजार गुरुवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से निकासी की थी। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने 12,943.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। गुरुवार को सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 फीसदी गिरकर 22,231.80 पर समाप्त हुआ था।
रुपये की स्थिति क्या रही?
भारतीय रुपये ने भी शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई। रुपया 16 पैसे की वृद्धि के साथ 96.72 (अस्थायी) पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होना भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।