भारतीय शेयर बाजार में चार दिन की लगातार गिरावट के बाद बुधवार को उतार-चढ़ाव के बीच जोरदार वापसी दिखी। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 473 अंक से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी ने भी 22,550 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफलता हासिल की।
सेंसेक्स 0.65 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए 72,382.47 अंक पर पहुंच गया। यह पिछले चार कारोबारी सत्रों की हानि को समाप्त करता है। निफ्टी में भी 0.60 फीसदी का मजबूत उछाल देखा गया। निफ्टी 133.80 अंक ऊपर चढ़कर 22,555.75 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से आईटीसी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, इंफोसिस और एशियन पेंट्स पिछड़ने वाले शेयरों में रहे।
बाजार में इस तेजी के पीछे कई प्रमुख शेयरों का शानदार प्रदर्शन रहा। आईटीसी के शेयरों में पांच फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया। इसी तरह, बीएसई के शेयर भी चार फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इन कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन ने बाजार को ऊपर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का भी भारतीय बाजार पर अनुकूल असर दिखा।
लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद बाजार में यह उछाल निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है और अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है, बशर्ते वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहें। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी के साथ निवेश के फैसले लें और बाजार पर नजर बनाए रखें।
अनुप बागची एचडीएफसी बैंक के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को उनके नाम को मंजूरी दी। बागची 1992 से प्रतिद्वंद्वी आईसीआईसीआई बैंक और उसकी सहायक कंपनियों से जुड़े रहे हैं। वह शशिधर जगदीश के बाद पद संभालेंगे। जगदीश का छह साल का कार्यकाल अनैतिक आचरण और संदिग्ध शासन प्रथाओं के आरोपों से घिरा रहा था। बागची 27 अक्तूबर से प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभालेंगे। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए है, यह जानकारी बैंक ने शेयर बाजार को दी।
रिलेगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष– शोध, अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजारों में सोमवार को जोरदार सुधार देखा गया। हालिया सुधारात्मक रुझान से बाजार को राहत मिली और आधे फीसदी से अधिक की बढ़त हासिल हुई। वैश्विक संकेत अपेक्षाकृत सहायक रहे, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें हाल के उच्च स्तर से कम हुईं। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 102 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर मंडरा रहा था, जिससे मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कुछ राहत मिली। उम्मीद से नरम अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदें कम कीं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 0.19 फीसदी बढ़कर 102.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख, विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में सुधार देखा गया। इससे निवेशकों को निकट अवधि के ब्याज दर परिदृश्य का आकलन करने में कुछ राहत मिली। अब ध्यान भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत फैसले और आगामी आय सत्र पर है।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2 फीसदी से अधिक उछला, जबकि हैंग सेंग सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया और शंघाई में शेयर बाजार छुट्टियों के लिए बंद थे। यूरोपीय बाजार मिश्रित रुख के साथ कारोबार कर रहे थे।