भारतीय शेयर बाजारों ने बुधवार के कारोबारी सत्र में शानदार बढ़त दर्ज की है। मजबूत वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सकारात्मक धारणा के दम पर प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। बाजार में यह उछाल एशियाई बाजारों के सकारात्मक रुझान और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बीच देखने को मिला है।
बुधवार के कारोबार के दौरान भारतीय सूचकांकों ने पूरे दिन अपनी सकारात्मक गति बनाए रखी।
बाजार की इस तेजी में मुख्य रूप से एविएशन, रिटेल और पेंट सेक्टर के शेयरों का दबदबा रहा:
टॉप गेनर्स: बाजार बंद होने पर इंडिगो के शेयर में सबसे ज्यादा 6.72 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। इसके बाद ट्रेंट 4.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स 3.81 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए।
शेयर बाजार की इस तेजी के बीच कमोडिटी मार्केट में बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है:
भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट मिला। एशियाई बाजार मुख्य रूप से हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स में 6.64 प्रतिशत की असाधारण उछाल दर्ज की गई और यह 7,397.76 पर पहुंच गया। इसके अलावा शंघाई कंपोजिट में 1.27 प्रतिशत, हैंग सेंग में 0.64 प्रतिशत, जकार्ता कंपोजिट में 0.77 प्रतिशत और ताइवान वेटेड में 0.57 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 भी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,513.12 पर रहा।
शेयर बाजार में बुधवार को दर्ज की गई यह तेजी घरेलू निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक है। कच्चे तेल की कीमतों में 8 से 9 प्रतिशत तक की तेज गिरावट ने बाजार को एक अहम ढांचागत समर्थन दिया है। इसके साथ ही एशियाई बाजारों में, खासकर कोस्पी में 6.64 प्रतिशत की भारी उछाल और सोने में निवेशकों का बढ़ता रुझान, यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में वैश्विक और घरेलू बाजार की दिशा सकारात्मक रह सकती है।