शेयर बाजार के दिग्गज शेयरों एचडीएफसी बैंक, टीसीएस और रिलायंस के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण गुरुवार को प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई। विदेशी पूंजी निकासी के बीच कंपनियों की तिमाही परिणामों में आय वृद्धि की चिंताओं को लेकर निवेशक चिंतित दिखे।
सेंसेक्स की 30 शेयरों वाली कंपनियों में टाटा स्टील, जोमैटो, लार्सन एंड टूब्रो, टाटा मोटर्स, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक और एनटीपीसी प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयर रहे। नेस्ले, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और भारती एयरटेल के शेयर लाभ में रहे।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "इसके अलावा, चीन से आए निराशाजनक मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने दबाव बढ़ा दिया है, जो दर्शाता है कि हालिया प्रोत्साहन उपाय दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में से एक को पुनर्जीवित करने में विफल रहे हैं।" एशियाई बाजारों में सियोल सकारात्मक दायरे में बंद हुआ, जबकि टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। बुधवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर हरे निशान में बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत गिरकर 76.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 50.62 अंक या 0.06 प्रतिशत गिरकर 78,148.49 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 18.95 अंक या 0.08 प्रतिशत गिरकर 23,688.95 अंक पर बंद हुआ था।
अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच गुरुवार को रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से थोड़ा उबरकर डॉलर के मुकाबले 4 पैसे की बढ़त के साथ 85.87 (अनंतिम) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में लगातार बिकवाली और विदेशी पूंजी के बहिर्गमन से स्थानीय मुद्रा पर दबाव रहा, जबकि अमेरिका में व्यापक आर्थिक संभावनाओं में सुधार के कारण डॉलर मजबूत हुआ।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.94 के अपने ऐतिहासिक निम्नतम स्तर पर खुला और 85.84 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले 85.87 (अनंतिम) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 4 पैसे अधिक था। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 85.91 के अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर बंद हुआ था।