फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sensex Closing Bell: टैरिफ के कारण बाजार में असमंजस बरकरार; सेंसेक्स 380 अंक गिरा, निफ्टी 22400 के नीचे बंद

Wed, 09 Apr 2025 03:47 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sensex Closing Bell: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 379.93 (0.51%) अंक टूटकर 73,847.15 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 136.70 (0.61%) अंक गिरकर 22,399.15 के स्तर पर पहुंच गया। आइए जानें शेयर बाजार का विस्तृत हाल।
विज्ञापन
Share Market - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

घरेलू शेयर बाजार पर अमेरिका की ओर से घोषित जवाबी टैरिफ का असर फिलहाल बरकरार है। एक दिन की राहत के बाद बुधवार को भी प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 379.93 अंक या 0.51 प्रतिशत गिरकर 73,847.15 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 554.02 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 73,673.06 अंक के निचले स्तर पर आ गया था। एनएसई निफ्टी 136.70 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 22,399.15 अंक पर आ गया। दिन के कारोबार में यह 182.6 अंक या 0.81 प्रतिशत गिरकर 22,353.25 अंक पर आ गया।

आरबीआई ने एमपीसी की बैठक के बाद ब्याज दरों में कटौती का एलान किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली एमपीसी बैठक के बाद लगातार दूसरी बार नीतिगत दरों में कटौती की है। इसका मकसद अमेरिकी टैरिफ के कारण पड़ने वाले दबाव को देखते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी के रुख के अनुरूप घरेलू शेयर सूचकांक गिरावट के साथ खुले और पूरे सत्र के दौरान नकारात्मक दायरे में रहे। अमेरिका ने चीनी आयात पर 104 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है।

विज्ञापन

 
ये भी पढ़ें: Sanjay Malhotra: मैं संजय हूं, लेकिन महाभारत का संजय नहीं... एमपीसी की बैठक के बाद क्यों बोले आरबीआई गवर्नर?

जानकारों के अनुसार, "पारस्परिक टैरिफ के लागू होने के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में नए सिरे से बिकवाली का दबाव दिख रहा है। व्यापार युद्ध वैश्विक परिदृश्य के लिए जोखिम बढ़ा रहा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में इजाफे से दुनिया की सुरक्षित ट्रेजरी परिसंपत्तियों में बिकवाली हो रही है। ऐसे में भारत में, रेपो दर में कटौती एक रचनात्मक कदम साबित हो सकता है।" 

रेपो रेट में कटौती के बावजूद बाजार में नहीं लौट सकी खरीदारी

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "हालांकि, इससे समग्र बाजार भावना को बढ़ाने में कोई मदद नहीं मिली है, क्योंकि दुनिया मंदी के जोखिम को स्वीकार कर रही है।" सेंसेक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट भारतीय स्टेट बैंक, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टूब्रो, टाटा स्टील, सन फार्मा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एनटीपीसी के शेयरों में रही। नेस्ले, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी लाभ में रहे।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: RBI: 'टैरिफ से निर्यात पर पड़ेगा असर', जवाबी शुल्क के बाद आर्थिक चुनौतियों पर आरबीआई गवर्नर ने जताया यह अनुमान
विज्ञापन


एशियाई बाजारों में, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नीचे बंद हुए जबकि शंघाई एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग ऊपर बंद हुए। टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक करीब 4 फीसदी गिरा। यूरोप के बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी काफी गिरावट के साथ बंद हुए।

एमपीसी ने लगातार दूसरी बैठक में ब्याज दरों में कटौती का लिया फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कटौती की तथा भविष्य में और अधिक कटौती का संकेत दिया। इसका कदम का उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ के कारण पड़ने वाले दबाव को देखते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी), जिसमें सदस्य के तौर पर तीन लोग केंद्रीय बैंक से और इतने ही लोग बाहर से हैं, ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करने का फैसला लिया। इसके साथ ही रेपो रेट 6 प्रतिशत हो गई है। इसे फरवरी में भी 25 आधार अंक घटाया गया था। मई 2020 के बाद यह पहली कटौती थी।

ये भी पढ़ें: RBI on Inflation: क्या महंगाई से राहत मिलेगी? एमपीसी के बाद मुद्रास्फीति की दर पर क्या बोले गवर्नर, जानें

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी के निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि आरबीआई ने अपने नीतिगत रुख को 'तटस्थ' से बदलकर 'नरम' कर दिया है, जो भविष्य में और अधिक ब्याज दरों में कटौती की संभावना को दर्शाता है। यह दर कटौती उस दिन की गई, जब अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामानों पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू हो गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें