घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को बिकवाली के दबाव में बेहाल दिखा। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण लगातार छठे दिन बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 900.91 (1.40%) अंकों की गिरावट के साथ 63,148.15 के स्तर पर जबकि निफ्टी 264.91 (1.39%) कमजोर होकर 18,857.25 के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान एमएंडएम और पेटीएम के शेयरों में चार-चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग, फइनेंशियल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में दिखी बिकवाली
गुरुवार को बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में दिखी। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 522 अंक नीचे 64,049 पर बंद हुआ था। घरेलू शेयर बाजार में कई कारणों से बिकवाली हावी रही। हमास और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष से भी बाजार में नकारात्मक दृष्टिकोण बना। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड तेजी साथ यह पांच प्रतिशत के पास पहुंच गई। वहीं डॉलर इंडेक्स मजबूत मजबूत होकर 106.5 के पार पहुंच गया। इसके असर से भारतीय बाजार से एफआईआई ने जमकर बिकवाली की। कई बड़े शेयरों पर इसका दवाब देखा गया।
गुरुवार के कारोबारी सेशन के बाद सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल

निफ्टी के टाॅप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे

आरबीआई ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए थोक एफडी की सीमा बढ़ाई
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अधिक धन जुटाने के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के लिए 'थोक जमा' के मानदंड को मौजूदा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। आरबीआई की 26 अक्टूबर, 2023 की अधिसूचना के अनुसार, "क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए थोक जमा सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।" भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 26 अक्टूबर, 2023 को बैंकों के लिए नॉन-कॉलेबल टर्म डिपॉजिट की पेशकश के लिए न्यूनतम राशि को मौजूदा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। इसलिए, सभी ग्राहकों को 1 करोड़ रुपये से कम की सावधि जमा (एफडी) से समय से पहले पैसा निकालने का विकल्प मिलेगा। नॉन-कॉलेबल फिक्स्ड डिपॉजिट फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ऐसी श्रेणी है जो कार्यकाल पूरा होने से पहले समय से पहले निकासी का विकल्प प्रदान नहीं करता है। एक बार जब आप इन जमाओं में निवेश करते हैं, तो आपका पैसा पूरे कार्यकाल के लिए लॉक हो जाता है। आप अपनी एफडी परिपक्व होने के बाद ही पैसे का उपयोग कर सकते हैं।