क्रिप्टो बाजार में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने सख्त नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नए धनशोधन रोधी और अपने ग्राहक को जाने दिशानिर्देशों के तहत लाइवनेस डिटेक्शन के साथ सेल्फी लेना, जियो टैगिंग रिकॉर्ड करना और पेनी ड्रॉप तरीके से बैंक खाते का सत्यापन करना अनिवार्य कर दिया है।
केवाईसी सख्त: क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए ग्राहक का पैन, लाइवनेस डिटेक्शन वाली सेल्फी और ऑनबोर्डिंग लोकेशन के साथ आईपी एड्रेस लेना अनिवार्य।
वास्तविक उपयोगकर्ता की पुष्टि: ऑनबोर्डिंग के समय यह सुनिश्चित करना होगा कि दी गई जानकारी उसी व्यक्ति की हो जो वास्तव में एप का उपयोग कर रहा है और खाता बना रहा है।
लाइवनेस डिटेक्शन अनिवार्य: ग्राहक की लाइव फोटो लेकर शारीरिक उपस्थिति की पुष्टि की जाएगी; यह तकनीक भारत में पहले से कई कानूनी प्रक्रियाओं में उपयोग होती है।
संपर्क विवरण का सत्यापन: मोबाइल नंबर और ईमेल का ओटीपी के जरिए सत्यापन जरूरी।
अतिरिक्त पहचान पत्र: पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे अन्य पहचान दस्तावेज भी एकत्र करने के निर्देश।
बैंक खाता सत्यापन: पेनी-ड्रॉप तंत्र के जरिए बैंक खाते के स्वामित्व और सक्रियता की पुष्टि।
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उच्च जोखिम की परिभाषा: कर आश्रय देशों या एफएटीएफ की ग्रे/ब्लैक लिस्ट से जुड़े व्यक्ति या संस्थाएं उच्च जोखिम श्रेणी में आते हैं।