लोकसभा की प्रवर समिति शुक्रवार को संसद भवन एनेक्सी (पीएचए) में एक महत्वपूर्ण बैठक करेगी। बैठक के दौरान आयकर विधेयक 2025 पर चर्चा की जाएगी। आज की कार्यवाही के दौरान समिति वैश एसोसिएट्स एडवोकेट्स, रीना लीगल, इकोनॉमिक लॉज प्रैक्टिस और वेद जैन एंड एसोसिएट्स सहित प्रमुख कानूनी और सलाहकार फर्मों के प्रतिनिधियों से मौखिक साक्ष्य सुनेगी। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व सदस्य जयंत जी पेंडसे और एशिया पैसिफिक रियल एसेट्स एसोसिएशन लिमिटेड (एपीआरईए) के प्रतिनिधि विधेयक पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार इससे पहले 18 अप्रैल को प्रवर समिति ने प्रस्तावित कानून पर विशेषज्ञों, उद्योग संघों, संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव और विचार मांगे थे। भाजपा के लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा है कि इच्छुक पक्ष प्रस्तावित विधेयक पर अपना मत रखें। जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव रखा था। इसका उद्देश्य अधिनियम को संक्षिप्त और स्पष्ट बनाना था, जिससे विवाद और मुकदमेबाजी कम हो। इससे पहले 18 मार्च को सरकार ने हितधारकों को नए पेश किए गए आयकर विधेयक 2025 पर अपना सुझाव देने के लिए कहा था।
यह विधेयक वर्तमान में विस्तृत विचार-विमर्श के लिए प्रवर समिति (सिलेक्ट कमिटी) के पास है। इस बीच, 25 मार्च को केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए आयकर विधेयक पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा की जाएगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने संसद में वित्त विधेयक पर विस्तार से बात की और कहा कि वित्त विधेयक 2025 करदाताओं को अभूतपूर्व राहत देता है। 13 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से लोकसभा में पेश किया गया नया आयकर विधेयक मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 व्यक्तियों, व्यवसायों और गैर-लाभकारी संगठनों सहित करदाताओं की विभिन्न श्रेणियों को प्रभावित करता है।