भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास और मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के अन्य सदस्यों ने द्विमासिक नीति समीक्षा बैठक की। बता दें, आरबीआई ने फैसला तो 10 अगस्त को लिया था लेकिन रिजर्व बैंक द्वारा बयान गुरुवार को जारी किया गया। बैठक में खाद्य कीमतों में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना के कारण ब्याजदर को न बदलने का फैसला लिया गया। बैठक में रेपो दर को यथावत रखने का विकल्प चुना गया।
छह सदस्यों ने पक्ष में की वोटिंग
रिजर्व बैंक ने आठ से 10 अगस्त को अपनी आखिरी द्विमासिक समिति की बैठक में महंगाई को लेकर चिंता जाहिर की। टमाटर सहित अन्य सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण समिति ने बैठक में ब्याज दर को 6.5 प्रतिशत रखने का फैसला किया है। गुरुवार को रिजर्व बैंक द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैठक में एमडी पात्रा, शशांक भिडे, आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और राजीव रंजन सहित छह सदस्यों ने रेपो रेट को न बदलने के लिए मतदान किया। समीक्षा बैठक के बाद जारी किए गए नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) डाटा के अनुसार, जुलाई में खुदरा महंगाई 15 महीने के उच्चतम स्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई।
सरकार का निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार द्वारा रिजर्व बैंक को निर्देश दिए गए कि खुदरा मंहगाई को चार प्रतिशत पर रखा जाए। हालांकि, दोनों तरफ दो-दो प्रतिशत का मार्जिन है। एमपीसी की बैठक में दास ने कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने का हमारा काम पूरा नहीं हुआ है। सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर मौद्रिक नीति खुदरा महंगाई पर इसके प्रारंभिक प्रभाव को देख सकती है। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई फिर से बढ़ गई है। जून में महंगाई बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई थी।
खाद्य कीमतों में झटके का कारण बारिश
एक दिन पहले, ललित दोषी स्मृति पर व्याख्यान देते हुए दास ने कहा था कि सब्जियों की कीमतों में आने वाले झटके कुछ समय के लिए होते हैं। मौद्रिक नीति मौजूदा झटकों को पहले दौर के प्रभाव को कम करने का इंतजार कर सकती है। खाद्य कीमतों में बार-बार आने वाले झटके अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है। आरबीआई इसको लेकर सतर्क है। उन्होंने बताया कि जुलाई में टमाटर सहित सब्जियों की कीमतों में सुधार दिख रहा है। प्याज के लिए उन्होंने सक्रिय आपूर्ति प्रबंधन का स्वागत किया। गवर्नर का कहना है कि 21 अगस्त तक बारिश औसत से सात प्रतिशत कम थी। खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण अचनाक मौसम में बदलाव और अल नीनो रहा।