पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए छह अरब डॉलर के राहत पैकेज को टाल दिया है। आईएमएफ ने शुक्रवार को होने वाली दूसरी समीक्षा को यह कहते हुए टाल दिया कि वह तय कार्रवाइयों को लागू करने में देरी कर रहा है।
दरअसल पिछले साल जुलाई में आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान को तीन साल में छह अरब डॉलर का कर्ज देने को मंजूरी दी थी। लेकिन इसके बदले में पाकिस्तान को कुछ बेहद सख्त उपायों को लागू करना था।
इमरान खान ने किया था आईएमएफ का रुख
मालूम हो कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सत्ता में आने के बाद एक बेलआउट पैकेज के लिए अगस्त 2018 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से संपर्क किया था। खान को बढ़ते आर्थिक संकट के कारण चीन, सऊदी अरब और यूएई से कर्ज लेने के बावजूद आईएमएफ का रुख करना पड़ा।
अब आईएमएफ ने राहत पैकेज की दूसरी समीक्षा को स्थगित किए जाने की पुष्टि की है, लेकिन कहा कि 1.4 अरब डॉलर के त्वरित वित्त पोषण सुविधा के लिए उसकी प्राथमिकताएं अब बदल गई हैं। मामले में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि आईएमएफ ने 10 महीने पुराने ऋण कार्यक्रम की दूसरी समीक्षा को मंजूरी देने में किसी देरी के बारे में उसे नहीं बताया है।
समीक्षा को मंजूरी देने के लिए नई तारीख की घोषणा नहीं
सूत्रों के अनुसार, आईएमएफ बोर्ड अक्तूबर-दिसंबर 2019 के लिए दूसरी समीक्षा को 10 अप्रैल को मंजूरी देने के पाकिस्तान के अनुरोध को शायद नहीं मानेगा। पहले इस समीक्षा को मंजूरी देने के लिए छह अप्रैल की तारीख तय थी, जिसे बढ़ाकर आईएमएफ ने 10 अप्रैल कर दिया था।
अभी आईएमएफ ने दूसरी समीक्षा को मंजूरी देने के लिए नई तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे अप्रैल में मंजूरी मिल जाएगी।