भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) म्यूचुअल फंड से जुड़ें नियमों को सरल बनाने की तैयारी में है। सेबी व्यापक समीक्षा कर रही है ताकि म्यूचुअल फंड को निवेशक केंद्रित और उद्योग के लिए अनुकूल बनाया जा सके। जल्द ही फीडबैक और पर्रामर्श प्रक्रिया के लिए मसौदा नियम जारी किए जाएंगे।
बाजार नियामक सेबी म्यूचुअल फंड नियमनों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। म्यूचुअल फंड को निवेशक केंद्रित और उद्योग के लिए अनुकूल बनाने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी सेबी के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ने शनिवार को दी। उन्होंने कहा कि हम म्यूचुअल फंड के पूरे नियामक ढांचे की समीक्षा कर रहे हैं ताकि सभी हितधारकों के लिए व्यापार करने में आसानी हो।
हितधारकों ने कहा कि मौजूदा नियम काफी लंबे हैं। साथ ही निवेशकों की उभरती जरूरतों और उद्योग के नवाचारों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए उन्हें सरल बनाने की आवश्यकता है। कुमार ने बिना समयसीमा बताते हुए कहा कि प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम जल्द ही फीडबैक और पर्रामर्श प्रक्रिया के लिए मसौदा नियम जारी करेंगे।
म्यूचुअल फंड उद्योग में 72 लाख करोड़ रुपये के पार
कुमार ने बताया कि भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग एयूएम में 72 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। वहीं, मासिक एसआईपी योगदान 28,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। फिर भी 140 करोड़ की आबादी में निवेशक आधार सिर्फ पांच करोड़ तक सीमित है।
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरिका है। इसमें आप म्यूचुअल फंड में एक निश्चित राशि का नियमित अंतराल पर निवेश करते हैं, जैसे कि साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक।