सेबी ने एक टेलीविजन चैनल पर शेयर बाजार से जुड़े शो की एंकरिंग करने वाले प्रदीप बैजनाथ पंड्या और सात अन्य इकाइयों को धोखाधड़ीपूर्ण व्यापारिक गतिविधियों के मामले में 2.83 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने में विफल रहने पर डिमांड नोटिस भेजा है। पंड्या के अलावा, तोशी ट्रेड, महान इन्वेस्टमेंट, मनीष वासनजी फुरिया (एचयूएफ), मनीष वासनजी फुरिया, अल्पा अल्पेश फुरिया, अल्पेश वासनजी फुरिया (एचयूएफ) और अल्पेश वासनजी फुरिया को भी जुर्माना भरने के लिए नोटिस भेजा गया था।
पिछले वर्ष सेबी की ओर से लगाए गए जुर्माने का नहीं किया गया था भुगतान
ये मांग नोटिस तब जारी किये गये जब ये संस्थाएं पिछले वर्ष जून में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से उन पर लगाया गया जुर्माना अदा करने में विफल रहीं। बाजार नियामक ने चेतावनी दी कि यदि पांड्या और अन्य संस्थाएं 7 फरवरी को जारी नोटिस के 15 दिनों के भीतर भुगतान करने में विफल रहीं तो उनके बैंक खातों सहित उनकी संपत्तियां कुर्क कर ली जाएंगी। सात अलग-अलग मांग नोटिसों में सेबी ने इन संस्थाओं को 15 दिनों के भीतर ब्याज और वसूली लागत सहित 2.83 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
पंड्या और अन्य पर धोखाधड़ी पूर्ण गतिविधियों के कारण लगा था पांच साल का प्रतिबंध
पिछले साल जून में सेबी ने धोखाधड़ीपूर्ण व्यापारिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पंड्या और सात अन्य संस्थाओं पर प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था और सामूहिक रूप से 2.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। पंड्या अगस्त 2021 तक एक बिजनेस टीवी चैनल पर विभिन्न शो के होस्ट/सह-होस्ट थे, जबकि अल्पेश फुरिया टेलीविजन चैनल पर अतिथि/बाहरी विशेषज्ञ के रूप में दिखाई दिए और अपने एक्स हैंडल पर स्टॉक सिफारिशें दीं। सेबी ने शो 'पांड्या का फंडा' में प्रदीप पांड्या द्वारा दी गई स्टॉक सिफारिशों और नवंबर 2019 से जनवरी 2021 की अवधि के दौरान अल्पेश फुरिया और संबंधित संस्थाओं द्वारा निष्पादित आज-खरीदें-कल-बेचें ट्रेडों और इंट्रा-डे ट्रेडों के बीच एक संबंध पाया था। सेबी की ओर से कहा गया है कि अल्पेश फुरिया ने इस विशेष जानकारी का लाभ उठाते हुए अपने और संबंधित संस्थाओं के खातों के माध्यम से व्यापार किया और सिफारिशों के सार्वजनिक होने से पहले ही लाभ कमा लिया।
सेबी ने नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच की थी मामले की जांच
दिसंबर 2020 में एनएसई ने एक रिपोर्ट भेजी थी जिसमें अल्पेश फुरिया और संबंधित संस्थाओं की व्यापारिक गतिविधियों का विश्लेषण किया गया था। इसके बाद सेबी ने नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच मामले में आगे की जांच की। सेबी ने पाया कि पंड्या ने यह जानकारी अल्पेश फुरिया और संबंधित संस्थाओं को दी, जिन्होंने पंड्या द्वारा अपने शो में की गई सिफारिशों के अनुरूप, बार-बार और लगातार ट्रेडिंग की। इस तरह के व्यापार में लिप्त होकर, संस्थाओं ने पीएफयूटीपी (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) मानदंडों के प्रावधानों का उल्लंघन किया। सेबी ने पांड्या, अल्पेश फुरिया और अन्य छह संस्थाओं को प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा, नियामक ने पंड्या और अल्पेश फुरिया पर एक-एक करोड़ रुपये तथा शेष छह संस्थाओं पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।