क्या है निकासी शुल्क संरचना?
लाइफ साइकिल फंड्स में निवेश करने वालों निवेशकों में वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए सेबी ने एक निकासी शुल्क संरचना शुरू की है, जिसमें पहले साल निकासी पर 3 प्रतिशत का शुल्क, दूसरे साल 2 प्रतिशत और निवेश के तीसरे साल में 1 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। यह फंड मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए निर्धारित बेंचमार्क ढांचे का पालन करेंगे और योजनाओं के नाम पर उनकी परिपक्वता अवधि शामिल होगी, जैसे कि 'लाइफ साइकिल फंड 2045'। पांच साल से कम परिपक्वता वाली अवधि के लिए लाइफ साइकिल फंड्स 50 प्रतिशत तक इक्विटी आर्बिट्रेज एक्सपोजर ले सकते है, लेकिन इक्विटी निवेश 65 से 75 प्रतिशत के भीतर होना आवश्यक है।
अलग-अलग फंड कैटेगरी के लिए खास एसेट एलोकेशन लिमिट
बदले हुए नियम के तहत अलग-अलग फंड कैटेगरी के लिए खास एसेट एलोकेशन लिमिट बताई गई है ।
- इक्विटी फंड में, स्कीम के फंड का बचा हुआ हिस्सा, जो उसकी मुख्य क्लास में इन्वेस्ट नहीं किया जाता है, उसे मौजूदा रेगुलेटरी लिमिट के तहत इक्विटी, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट, सोना और चांदी और परमिटेड इन्वेस्टमेंट (इनवेंटेड इन-हाउस इन्वेस्टमेंट) में एलोकेट किया जा सकता है।
- लोन स्कीम के लिए, बचा हुआ हिस्सा ओवरनाइट, लिक्विड, अल्ट्रा-शॉर्ट, लो ड्यूरेशन और मनी मार्केट फंड को छोड़कर इनवेंटेड इन-हाउस इन्वेस्टमेंट में इन्वेस्ट किया जा सकता है।
- हाइब्रिड फंड में, बचा हुआ हिस्सा एसेट क्लास लिमिट के अंदर इनवेंटेड इन-हाउस इन्वेस्टमेंट (आर्बिट्रेज फंड को छोड़कर) सोना और चांदी ईटीएफ में एलोकेट किया जा सकता है।
क्षेत्रीय ऋण निधि के लिए क्या?
नए परिपकत्र में क्षेत्रीय ऋण निधियों का उल्लेख किया गया है, जिन्हे म्यूचुअल फंड तभी जारी कर सकते हैं जब लक्षित क्षेत्र में निवेश योग्य ऋणों की पर्याप्त उपलब्धता हो। मध्य और लंबी अवधि के ऋण निधियों के लिए निधि प्रबंधक ब्याज दरों में प्रतिकूल उतार चढाव की आशंका से पोर्टफोलियो की अवधि को एक साल से कम कर सकते है, लेकिन इसके लिए सेबी का निरीक्षण कम से कम तीन और चार साल की न्यूनमत पोर्टफोलियों की समय सीमा से नीचे नहीं हो और जरूरी दस्तावेजों और औचित्य भी सिद्ध करना जरूरी होगा।