सेबी द्वारा प्रतिबंधित की गई कंपनियों में पाचेली इंडस्ट्रियल फाइनेंस, अभिजीत ट्रेडिंग, कैलिक्स सिक्योरिटीज, हिबिस्कस होल्डिंग्स, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, एडॉप्टिका रिटेल इंडिया और सल्फर सिक्योरिटीज शामिल हैं।
शेयरों में खेल करने वाली सात कंपनियों को सेबी ने बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें पाचेली इंडस्ट्रियल फाइनेंस, अभिजीत ट्रेडिंग, कैलिक्स सिक्योरिटीज, हिबिस्कस होल्डिंग्स, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, एडॉप्टिका रिटेल इंडिया और सल्फर सिक्योरिटीज शामिल हैं।
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सेबी ने कहा, पाचेली इंडस्ट्रियल ने गैर-प्रवर्तकों के रूप में वर्गीकृत छह संस्थाओं से 1,000 करोड़ कर्ज लिया, जिसे तरजीही आवंटन के जरिये इक्विटी में बदल दिया। लेकिन, कर्ज और पैसा सिर्फ कागजों में घुमाया गया। जो लोग कर्ज देने का नाटक कर रहे थे, उन्हें कंपनी के 99.28% शेयर मिल गए। यानी पूरी कंपनी उन्हीं के हाथ में चली गई। 0.72 फीसदी शेयरों में ही ट्रेडिंग हो रही थी। इस तरह, शेयर की कीमत मनमाने तरीके से बढ़ाया गया। इससे कंपनी की पूंजी आठ माह में 40 करोड़ से बढ़कर 4,000 करोड़ पहुंच गई। 2 दिसंबर, 2024 से 16 जनवरी, 2025 के बीच कंपनी के शेयर की कीमत 372 फीसदी बढ़ गई।
पेटीएम के अधिकारियों ने 3.32 करोड़ में निपटाया मामला
पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशन के 8 पूर्व व वर्तमान अधिकारियों ने 3.32 करोड़ भरकर सेबी के साथ मामला निपटा लिया है। इसमें अमित खेरा, अशित लिलानी, नीरज अरोरा, पल्लवी श्राफ व अन्य हैं। कंपनी के एमडी विजय शर्मा व उनके रिश्तेदारों को दिए गए वेतन संबंधित नियमों का उल्लंघन किया था।